Category: Shaikshnik

Devkant

मैं भारत हूँ-देव कांत मिश्रमैं भारत हूँ-देव कांत मिश्र

0 Comments 4:59 pm

मैं भारत हूँ मैं भारत हूँ, सदा रहूँगा, ऐसा ‌ही बतलाऊँगा। माटी के कण-कण से सबको, अभिनव गुण सिखलाऊँगा।। पत्ते[...]

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Anuj

पृथ्वी-अनुज कुमार वर्मापृथ्वी-अनुज कुमार वर्मा

0 Comments 1:26 pm

पृथ्वी सौरमंडल का एक ग्रह पृथ्वी जिसका नाम है। दुनिया कहते हम इसको, जीवन करती प्रदान है। पेड़ पौधों से[...]

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जिंदगी की परिभाषा-नूतन कुमारीजिंदगी की परिभाषा-नूतन कुमारी

0 Comments 7:20 am

  ज़िंदगी की परिभाषा कभी धूप तो कभी छांव है ज़िंदगी। कभी शहर तो कभी गाँव है ज़िंदगी। कभी खुशियाँ[...]

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Devkant

चौपाई-देव कांत मिश्र दिव्यचौपाई-देव कांत मिश्र दिव्य

0 Comments 2:11 pm

केवट कथा आएँ निर्मल कथा सुनाएँ। भक्तों का हम मान बढ़ाएँ।। राम कथा में ध्यान लगाएँ। मनहर सुखद शांति नित[...]

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Shailesh

पाठशाला से रिश्ता-एस. के. पूनमपाठशाला से रिश्ता-एस. के. पूनम

0 Comments 1:51 pm

पाठशाला से रिश्ता वह खड़ा है पाठशाला के द्वार पर, पार किया है उम्र का छठा सावन, बाल-सुलभ मुस्कान है[...]

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