खेतों में हरियाली शोभें सरसों-अलसी बलखाती है। ऋतुराज के स्वागत में कोयल गीत खुशी से गाती है। नव पल्लव पा[...]
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तुम चलो तो सही-अमृता कुमारी तुम चलो तो सही-अमृता कुमारी
सारी नाउम्मीदी, उलझनों, चिंताओं को किनारे रखकर, एक बार उठो तो सही! पता है कि रास्ते में[...]
बसंत की बहार- मुन्नी कुमारीबसंत की बहार- मुन्नी कुमारी
बसंत की बहार है, वर्षा की फुहार है। रंगों का त्योहार है, आया खुशियों का बौछार है। सूरज की किरणे[...]
भरे हुए भंडार समय पर लूटो-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’भरे हुए भंडार समय पर लूटो-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
भाग गया है शीत,निकल कर देखो। बाहर किरणें प्रीत,निकल कर देखो।। जो था कल तक ठोस,पिघलते देखो। बूॅंदें अटकीं ढीठ,[...]
किनारा-रूचिकाकिनारा-रूचिका
किनारों पर खड़ा होकर गहराई का अंदाजा लगा नही सकते, बिना चोट के दर्द कितना ये कहाँ कभी बता सकते।[...]
युवा-कुमारी रूपरानी युवा-कुमारी रूपरानी
“युवा हैं हमारे देश की शान आओ मिलकर करें सलाम।। अपने जीवन को ना करो ध्रुमपान और मादक द्रव में[...]
पुलवामा के वीरों को नमन-कार्तिक कुमारपुलवामा के वीरों को नमन-कार्तिक कुमार
14 फ़रवरी का दिन था, दर्द भरी वह घड़ी आई, पुलवामा की धरती रो पड़ी, जब वीरों पर आफ़त छाई।[...]
जल ही जीवन है-आशीष अम्बरजल ही जीवन है-आशीष अम्बर
जल से ही तो है जीवन, जल से ही तो यह धरती हैं । उपयोग करें हम सूझबूझ से, व्यर्थ[...]
हौसलों की उड़ान – राम किशोर पाठकहौसलों की उड़ान – राम किशोर पाठक
पा जाते हर लक्ष्य हम, बिना किसी व्यवधान। मन लेता है जब वहाँ, हौसलों की उड़ान।। बाधाओं को चीर कर,[...]
फागुन-राम किशोर पाठकफागुन-राम किशोर पाठक
अन्न भरा खेतों में, मन को भाया है। हलचल अब रेतों में, फागुन आया है।। सरसों पीली फूले, मस्ती से[...]
