पद्यपंकज Bhawna,padyapankaj,Teachers Of Bihar,ToB PadhyaPankaj,काव्य लेखन चाँद की बात ही कुछ निराली – रिंजु कुमारी

चाँद की बात ही कुछ निराली – रिंजु कुमारी


Rinju Singh

लेख सुनें तैयार

चाँद की बात ही कुछ निराली – रिंजु कुमारी

चाँद की बात ही कुछ निराली होती है,
उसकी चाँदनी में एक खुमारी होती है।
जब निहारूँ उसे मैं ख़ामोशी के साथ,
दिल को सुकून मिलता है, थम जाते हैं जज़्बात।
उसकी शीतल रोशनी में जादू-सा लगता है,
हर दर्द, हर उलझन दूर होता-सा लगता है।
न जाने क्या कशिश है उस चाँद के दीदार में,
दिल खो जाता है उसकी चाँदनी के संसार में।
चाँद तो बस आसमान में चमकता है,
पर उसका नूर दिल के भीतर उतरता है।
कुछ तो खास है उसकी खामोश रोशनी में,
जो सुकून मिलता है, वो कहाँ किसी और चीज़ में।

रिंजु कुमारी
फॉर्बेसगंज अररिया
बिहार

0 Likes
Spread the love

Leave a Reply