कितना सुन्दर – कितना प्यारा ,
भारत जो है देश हमारा ।
तिरंगा है जिसकी शान,
हैं हमें जिस पर अभिमान ।
जग के सारे देशों से न्यारा ,
मेरा देश मुझे है जान से प्यारा ।
वन – उपवन में हरियाली है,
डाल – डाल पर छाई लाली है ।
नदियों की निर्मल पावन जलधारा,
भारत जो है देश हमारा ।
कंचन तन और केश सुनहरा,
धोए चरणों को सागर गहरा ।
लहरों ने जिसको है ललकारा ,
भारत जो है देश हमारा ।
सारे जगत में इसकी जय हो,
इनका जन – जन सदा अभय हो ।
सुर – नर – मुनि सब यही उच्चारा,
भारत जो है देश हमारा ।
आशीष अम्बर
( विशिष्ट शिक्षक)
उत्क्रमित मध्य विद्यालय धनुषी
केवटी , जिला – दरभंगा ( बिहार)

