आओ राजू आओ राधा
पहन के ड्रेस तुम हरा और सादा,
चलो हमसब मिलकर पेड़ लगाए
और पर्यावरण दिवस मनाएँ।
पेड़ लगाओ पेड़ बचाओ
पेड़ को तुम कभी न कटाओ,
पेड़ से मिलते हैं हमें शुद्ध हवा
और मिलते हैं जड़ी बूटी दवा।
जहांँ देखेंगे पेड़ की कटाई
वहाँ बुलाएँगे सरकारी सिपाही,
पेड़ काटनेवाले को वो ले जाएगी पकड़
तब पेड़ काटने वालों का जाएगा अकड़।
लगाएँगे एक पेड़ अपनी प्यारी माँ के नाम पे
आम ,कटहल ,लीची सागवान
इनके जन्मदिन पे।
पर्यावरण को रखेंगे स्वच्छ और साफ
न आएगा कभी बीमारी का बाप,
घर को चारों तरफ से रखेंगे हरियाली
सुबह -सुबह आएगी सूरज की लाली।
कचड़ा कभी न नदी में फेंकना
शुद्ध जल हो जाएँगे दूषित,
जो उस पानी को पीएगा
हो जाएगा वह कुपोषित।
खोद तूँ लेना गड्ढा चंद
कचड़ा कर देना उसमें बंद,
अगल -बगल की करो सफाई
नहीं तो खाना पड़ेगा तुझे दवाई।
क्षिति जल पावक गगन समीरा
पँच रचित यह अधम शरीरा,
आओ राजू आओ राधा
पेड़ लगाएंगे सौ से ज्यादा।
नीतू रानी
विशिष्ट शिक्षिका
म०वि० रहमत नगर
सदर मुख्यालय पूर्णियाँ बिहार

