कलाधर छंद – रामपाल प्रसाद सिंह अनजान
सुधीर छोड़ते निशान हैं।
भारतीय लोग हैं विचारवान पुण्यवान,
देश में यहाॅं-वहाॅं नई-नई उड़ान हैं।
देश में विदेश में जहाॅं मिले विशेष ज्ञान,
हैं सनातनी वहीं विकास का चढ़ान हैं।
गंग धार बार-बार दूर सिंधु को पुकार,
पापनाशती चली अथाह प्राणवान हैं।
दृष्टिपात स्वार्थ हेतु वो भला न राहगीर,
बाद में यही सुधीर छोड़ते निशान हैं।
रामपाल प्रसाद सिंह अनजान
प्रभारी प्रधानाध्यापक
मध्य विद्यालय दर्वेभदौर
0 Likes
