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कान्हा के रंग में रंगा मेरा मन – नीतू रानी
कान्हा के रंग में रंगा मेरा मन,
खुश होगा मेरा तन मन।
कान्हा ने जन्म लिए कंश के जेल भवन,
रातों रात पहुँचाए बासुदेव बाबा नंद के भवन।
खुश हुआ मेरा तन मन।
कान्हा का रंग काला राधा का गोरा तन,
दोनों को देख कर प्रसन्न हुए लोकजन।
खुश हुआ मेरा तन मन।
जिसको रंग में रंगना है रंगों कान्हा रंग,
उसको भरा रहेगा तन मन और धन।
खुश हुआ मेरा तन मन।
नीतू रानी, विशिष्ट शिक्षिका।
स्कूल -म०वि० रहमत नगर सदर मुख्यालय पूर्णियाँ बिहार।

