राधा कृष्ण का रिश्ता – मनु कुमारी
राधा कृष्ण का रिश्ता है—
शाश्वत और अटूट प्रेम का,
प्रेम के अनंत विस्तार का,
रिश्तों के सुंदर आधार का,
आनंद से भरे संसार का।
राधा कृष्ण का रिश्ता है—
देह रूप में दो, किंतु
तत्व रूप में एक होने का,
विरह की वेदना में भी,
सामीप्य की सुखद अनुभूति का।
राधा कृष्ण का रिश्ता है—
निष्काम प्रेम का,
त्याग और समर्पण का,
इक-दूजे में स्वयं को देख सकें,
उस सुंदर मन के दर्पण का।
राधा कृष्ण का रिश्ता है—
सृष्टि के संचार का,
समानता के अधिकार का,
जीव मात्र के प्रति,
कोमल और करुण व्यवहार का,
हर रिश्ते के आदर-सत्कार का।
राधा कृष्ण का रिश्ता है—
धर्म के उत्थान का,
अधर्म के विनाश का,
वियोग और संयोग का,
भक्ति और योग का।
राधा कृष्ण का रिश्ता है—
प्रकृति में मधुर संगीत का,
प्रेम और मनमीत का,
बचपन के निश्छल खेल का,
गोपियों संग मधुर मेल का।
राधा कृष्ण का रिश्ता है—
प्रेम की धुरी, विश्वास का,
जैसे देह और श्वास का,
समुद्र और नीर का,
भावना और पीर का।
राधा कृष्ण का रिश्ता है—
स्त्रियों के सम्मान का,
दया, करुणा और क्षमा से
सबको नवजीवन दान का,
समस्त जगत के कल्याण का।
स्वरचित एवं मौलिक
मनु कुमारी, विशिष्ट शिक्षिका, प्राथमिक विद्यालय दीपनगर बिचारी, राघोपुर, सुपौल

