भीड़ में जब खुद को खोया – आशीष आनंद
भीड़ में जब खुद को खोया,
तुमने चुपके से मुझे खोज लिया।
हाथ मेरा तुमने नहीं थामा,
बस मन को चलना सिखा दिया।
न धन माँगूँ, न कोई वरदान,
बस इतना साथ निभाना—
जब दुनिया समझ न पाए मुझे,
तब तुम मेरे मन को समझ जाना।
कान्हा, तुम मंदिर में कम,
मेरी साँसों में ज़्यादा मिलते हो।
आशीष आनंद
पीएम श्री भागीरथ सीनियर सेकेंडरी स्कूल, निर्मली
ब्लॉक : पिपरा
जिला : सुपौल

