पद्यपंकज Uncategorized लू और प्रणायाम-कार्तिक कुमार

लू और प्रणायाम-कार्तिक कुमार



लू और प्राणायाम
प्रस्तुति कार्तिक कुमार मध्य विद्यालय कटरमाला गोरौल वैशाली 7004318121

लू चली है धूप में, सूरज आग उगलाए,
घर से बाहर निकले जो, पसीना खूब बहाए।
गर्मी इतनी तेज है, सड़क तवे सी तपती,
आम का पन्ना पी लो भाई, तबियत रहे चमकती।
टोपी पहन के निकलिए, पानी साथ रखो,
धूप में ज्यादा घूमोगे, तो चक्कर भी चखो।
पेड़ की छाया प्यारी लगे, कूलर गाना गाए,
आइसक्रीम को देखकर, मन झटपट ललचाए।
पंखा बोले घूम-घूम, “मुझको बंद न करना”,
फ्रिज भी कहता बार-बार, “ठंडा पानी भरना।”
चिड़िया भी हैरान हुई, बैठी छांव किनारे,
कुत्ता जीभ निकाल घूमे, ढूंढे ठंडे धारे।
लू और हीट वेव से, सबको बचना होगा,
दिन में खूब पानी पीना, यह नियम रखना होगा।
शीतली-शीतकारी प्राणायाम रोज सभी अपनाओ,
तन को शीतल और मन को अच्छा आराम पहुंचाओ।
चंद्रभेदी प्राणायाम, लू को छू मंतर कर जाए,
तन-मन शांत कर सबको मीठा सुकून पहुंचाए।
कार्तिक सर ने माना है, योग से खुशहाली लाना है ,
योग करके जीवन में अमिट शांति फैलाना है ।
सुबह-सुबह योग करो, तन-मन स्वस्थ बनाओ,
गर्मी चाहे जितनी आए, हंसते-गाते जाओ।

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