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मुझको कान्हा आज बनाओ -राम किशोर पाठक


Ram Kishore Pathak

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अम्मा कुछ मुझको बतलाओ।
मुझको कान्हा आज बनाओ।

जो चाहूँ वह दे दो मुझको।
ऐसे कभी नहीं तड़पाओ।।

मैं भी मुरली बजा सकूँगा।
मुरली तो मुझको दिलवाओ।।

साँपों का फन कुचल सकूँ मैं।
अपना डर तुम दूर भगाओ।।

मैं अभी खेलकर आता हूॅं।
गेंद नया कोई मंँगवाओ।।

लाल तुम्हारा भी अद्भुत है।
बस अपनी विश्वास जगाओ।।

माखन मिसरी की जिद छोड़ो।
मेरे मन का खाना लाओ।।

पढ़-लिखकर कुछ नाम करूँगा।
तुम भी खुशियाँ सारी पाओ।।

हमें सलोना तुम कहती हो।
मोर पंख से जरा सजाओ।।

कष्ट तुम्हारा मैं हर लूँगा।
मगर यशोदा तुम बन जाओ।।

रचयिता:- राम किशोर पाठक
प्रधान शिक्षक
प्राथमिक विद्यालय कालीगंज उत्तर टोला, बिहटा, पटना, बिहार।
संपर्क – 9835232978

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