माता जगतारिणी -रामपाल प्रसाद सिंहमाता जगतारिणी -रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 8:46 pm

हे माता! जगतारणी कुंडलिया छंद माता! तुम जगतारणी, जाना है भवपार। थाल लिए द्वारे खड़ा,कर ले तू स्वीकार।। कर ले[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

जय स्कंदमाता स्नेहलता द्विवेदीजय स्कंदमाता स्नेहलता द्विवेदी

0 Comments 7:23 pm

जय स्कंदमाता ममतामयी माँ ममतामयी तू है जगदम्बा, तू कार्तिकेय सुत जननी है। ताड़कासुर बध संकल्प लिये, माँ तू संतन[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jainendra

ममतामई मां -जैनेंद्र प्रसाद रविममतामई मां -जैनेंद्र प्रसाद रवि

0 Comments 1:30 pm

प्रभाती पुष्प ममतामई मांँ कलाई में शोभता है- कंगन व बाजूबंद, मनमोहता है देवी, माता का सिंगार है। जिज्ञासु श्रद्धालु[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishor Pathak

हे शुभंकरी -रामकिशोर पाठकहे शुभंकरी -रामकिशोर पाठक

0 Comments 1:23 pm

हे शुभंकरी सुधा त्रिधा त्वम् गायत्री। सती शिवा त्वम् सावित्री।। त्वयि नंदजा राधा त्वम् भक्तवत्सला आद्या त्वम् आदिशक्ति शक्ति दात्री।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

लोहार – रामपाल प्रसाद सिंहलोहार – रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 8:33 am

लोहार लोहे पर निर्भर जीवन,लोहार हूॅं मैं।कम पैसे में काम करूॅं,उपकार हूॅं मैं।विस्मित कर देता जग को,फनकार हूॅं मैं।मानसून के[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishor Pathak

भवानी आ गयी है – राम किशोर पाठकभवानी आ गयी है – राम किशोर पाठक

0 Comments 10:14 pm

भवानी आ गयी है, घर हमारे। खुशी अब छा रही है, जग निहारे।। किया वंदन उन्हें सब, चरण धोएँ। अलौकिक[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

जय स्कंदमाता -डॉ स्नेहलता द्विवेदीजय स्कंदमाता -डॉ स्नेहलता द्विवेदी

0 Comments 3:08 pm

जय स्कंदमाता ममतामयी माँ ममतामयी तू है जगदम्बा, तू कार्तिकेय सुत जननी है। ताड़कासुर बध संकल्प लिये, माँ तू संतन[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

माँ जब भजते- तीव्र अश्वगति छंद – राम किशोर पाठकमाँ जब भजते- तीव्र अश्वगति छंद – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:09 pm

माँ जब भजते- तीव्र/अश्वगति छंद साधक याचक सा मन लेकर, धीरज धरते। माँ उनके घर आँगन आकर, कौतुक करते।। माँ[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

भारत की बेटी -रिंकु कुमारीभारत की बेटी -रिंकु कुमारी

0 Comments 8:03 pm

मां हमें भारत की बेटी बनकर जीने दो रश्मों रिवाज की जंजीर तोड़कर आगे बढ़ने दो लाचार बनकर अब हमें[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishor Pathak

नया समाज बनाना होगा – गीत – राम किशोर पाठकनया समाज बनाना होगा – गीत – राम किशोर पाठक

0 Comments 5:19 pm

नया समाज बनाना होगा – गीत आओ मिलकर हम-सब सोचे, समाधान कुछ पाना होगा। जन-जन के उत्कर्ष हेतु अब, नया[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें