सुबह में किस दल रात में जाएं बदल, नेताओं के रंग देख, गिरगिट भी शर्माए। चुनाव के समय में नए-नए[...]
जन मन सकुशल- एस.के.पूनमजन मन सकुशल- एस.के.पूनम
🙏ऊँ कृष्णाय नमः🙏 विधा:-जलहरण घनाक्षरी (जन मन सकुशल) रमजान का महीना, पाक है मक्का मदीना, सेवा भाव सिलसिला,सदियों से है[...]
सजल – सुधीर कुमारसजल – सुधीर कुमार
सजल सुमेरु छंद मात्रा — 19 यति — 12,7 समांत — ऊल पदांत — से हम 1222 122 , 2[...]
दिल्ली पर नज़र – जैनेन्द्र प्रसाद रविदिल्ली पर नज़र – जैनेन्द्र प्रसाद रवि
चुनाव से हर बार तय होती जीत हार, किसी की आसान नहीं, सत्ता की डगर है। बयानों का ले के[...]
जलहरण घनाक्षरी छंद – जैनेन्द्र प्रसाद “रवि’जलहरण घनाक्षरी छंद – जैनेन्द्र प्रसाद “रवि’
प्रभाती पुष्प जलहरण घनाक्षरी छंद हमेशा मगन रहें ईष्ट का भजन करें, वृथा नहीं नष्ट करें, समय को पल भर।[...]
प्रेम उपहार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’प्रेम उपहार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
प्रेम उपहार बाल भावना को स्पर्श करती रचना (मनहरण घनाक्षरी छंद में) नाजुक- कोमल कली, बागानों में जैसे माली, करे[...]
जलहरण घनाक्षरी- एस.के.पूनमजलहरण घनाक्षरी- एस.के.पूनम
🙏ऊँ कृष्णाय नमः🙏 विधा:-जलहरण घनाक्षरी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, करें शुभ कार्य सदा, सनातन परंपरा,है सदियों से अचल। नूतन विचार आए,[...]
दोहा (मां)- मनु रमण चेतनादोहा (मां)- मनु रमण चेतना
मां की छवि को देखकर,आए जिय में जान। उनसे बढ़कर कुछ नहीं, वह होती भगवान।। मनसा अन्तर सेवतीं, वचसा कर[...]
मनहरण घनाक्षरी- एस.के.पूनममनहरण घनाक्षरी- एस.के.पूनम
मनहरण घनाक्षरी तप गई आज धरा, धूल संग चली हवा बढ़ गई गर्मी धूप,घर में छुप जाए। प्रातःकाल उठ कर,[...]
सुरक्षित रहे प्राण- एस.के.पूनम।सुरक्षित रहे प्राण- एस.के.पूनम।
विधा:-रूपघनाक्षरी (सुरक्षित रहे प्राण) तरु की पत्तियां झड़ी, मंजरी भी गिर पड़ी, पतझड़ के मौसम का यही है पहचान। चल[...]
