Jaykrishna

प्रतीक्षा-जय कृष्णा पासवानप्रतीक्षा-जय कृष्णा पासवान

0 Comments 8:18 pm

आंखों की रोशनी भी, जुगनू बन-कर देखता रहा । समंदर से मोती भी गोता लगाकर निकालता रहा ।। कोई फरियाद[...]

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Jaykrishna

मेरी अभिलाषा- जयकृष्णा पासवानमेरी अभिलाषा- जयकृष्णा पासवान

0 Comments 8:33 pm

मैं पंछी बन उन्मुक्त गगन में, दुनियां का भ्रमण करुं। काली-घटा की बलखाती बादल में भींग जाऊं।। यह मेरी अभिलाषा[...]

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sanjay kumar DEO

विज्ञापन अंतिम संस्कार का- संजय कुमारविज्ञापन अंतिम संस्कार का- संजय कुमार

0 Comments 8:25 pm

ऐड देख कर खुश मैं होऊँ या आँखें भर भर मैं रोऊँ। खोया जिसके लिए था सब कुछ हुआ वही[...]

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Jainendra

विद्या-जैनेन्द्र प्रसाद रविविद्या-जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 7:47 pm

छंद:-मनहरण घनाक्षरी ‘रवि’ सारे छोड़ काम, थोड़ी देर राम – राम, खाट छोड़ उठ जाएं, सूरज से पहले। शक्कर की[...]

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S K punam

शीत-एस.के.पूनमशीत-एस.के.पूनम

0 Comments 6:13 pm

छंद:-मनहरण घनाक्षरी “शीत” सघन है काली रात,रौशनी है थोड़ी-थोड़ी, बंद हुआ घर-द्वार,जाड़े का आलम है। सूर्य ढ़का तुहिन से,घूप थोड़ा[...]

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