गणतंत्र का जयघोष छब्बीस जनवरी पुकार रही,उठो! इतिहास बुलाता है।यह दिन नहीं केवल तिथि कोई,जन-जन का स्वाभिमान जगाता है। जब[...]
बसंती शाम- मनु कुमारीबसंती शाम- मनु कुमारी
बसंती शाम उतर आई, सुनहरी धूप के संग,क्षितिज ने ओढ़ ली चूनर, केसरिया रंग के रंग। मंद पवन की उँगली[...]
मां वागीश्वरी – मनु कुमारीमां वागीश्वरी – मनु कुमारी
जयति जय माँ वागेश्वरी, सरस्वती विंध्यवसिनी lसकल जगत की माता तुम हो, हे सकल मंगलकारिनी..जयति माँ वागेश्वरी.. तुम हो पद्मासना[...]
शिक्षा की शक्ति – मनु कुमारीशिक्षा की शक्ति – मनु कुमारी
अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस विशेष ज्ञान का दीप जलाएं हम, अज्ञान के अंधेरे में,हर बच्चे के मन में खिलाए, उजाला ,[...]
भारत की बेटियां – आशीष अंबरभारत की बेटियां – आशीष अंबर
सारे संसार में नाम कमाया है ,अपनी प्रतिभा का जादू बिखराया है।देश हो या विदेश हर जगह ,भारत की बेटियां[...]
मुझे तिरंगा माँ दिलवा दो- राम किशोर पाठकमुझे तिरंगा माँ दिलवा दो- राम किशोर पाठक
मुझे तिरंगा माँ दिलवा दो- रासा छंद बाल कविता मुझे तिरंगा माँ दिलवा दो।वैसा ही कुर्ता सिलवा दो।। भैया संग[...]
जब से आई बसंती शाम- नीतू रानीजब से आई बसंती शाम- नीतू रानी
ठंडी हवा लिए आईमेरी बसंती शाम,इससे प्रभावित हो रहादेश, विदेश और गाम। बसंत पंचमी पर्व परआई बसंती शाम,थोड़ी ठंडी बढ़[...]
गणतंत्र हमारी पहचान – आशीष अंबरगणतंत्र हमारी पहचान – आशीष अंबर
कविता : – गणतंत्र हमारी पहचान है । गणतंत्र हमारी पहचान है,भारत देश हमारा महान है । गौतम , गाँधी[...]
मतदाता दिवस – आशीष अंबरमतदाता दिवस – आशीष अंबर
जागो मतदाता अब अपना कर्तव्य निर्वहन करो ,देश के भाग्य – विधाता बन अपने नेता वरण करो । लेकर शपथ[...]
खामोशी रुचिकाखामोशी रुचिका
खामोशी जब बोलना बेअसर होने लगे तो रास आने लगी खामोशी। खामोशी जो थी अपने में समेटे न जाने कितनी[...]
