बगुला नीतू रानी

विषय -बगुला। शीर्षक -आटा से बना मेरा बगुला। आटा से बना ये बगुला, देखने में लंबा और पतला। दिन भर देखता रहता पानी, खाता रहता मछली रानी। घर इसका बरगद,…

मैं हूं शिक्षक-डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या

मैं इस धरा के ज्ञान धर्म का वाहक हूँ, जननी के स्वाभिमान मर्म का नायक हूँ। मैं शिक्षक संस्कार, सत्य तप का राही, वसुधा से अज्ञान मिटाने वाला हूँ। इस…

मैं हूं शिक्षक डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या

मैं हूं शिक्षक मैं इस धरा के ज्ञान धर्म का वाहक हूँ, जननी के स्वाभिमान मर्म का नायक हूँ। मैं शिक्षक संस्कार, सत्य तप का राही, वसुधा से अज्ञान मिटाने…

छुट्टियों की खुशियां मृत्युंजय कुमार

छुट्टियों की खुशियाँ… छुट्टियों के दिन आए हैं, बच्चों में खुशियाँ छाई हैं। मौज-मस्ती खूब करेंगे, नहीं किसी से तनिक डरेंगे। रोज़-रोज़ जाते हैं स्कूल, स्कूल को कह सकते हैं…

संकल्प- मनु कुमारी

संकल्प (कविता) संकल्प जगे जब अंतर में, तो पथ स्वयं बन जाता है। साहस के चरण जहाँ पड़ें, भय वहीं मिट जाता है।। साक्षी है यह इतिहास स्वयं, हर युग,…

मेरी गुड़िया नीतू रानी

विषय -बाल कविता। शीर्षक -मेरी गुड़िया फल, सब्जी से बनी है। मेरी गुड़िया फल, सब्जी से बनी है, दिखने क्या अद्भुत लग रही है। बाल मेरी गुड़िया का हरी मिर्ची…

मुट्ठी में रेत… मनु कुमारी

मुट्ठी में रेत-सी है यह जीवन की कहानी,कब फिसल जाए उँगलियों से, किसे है यह निशानी।काग़ज़-सा भीग जाए, जल में घुल जाए पल में,बूँदों का बुलबुला-सा, टूटे क्षण भर के…

होली गाए रे- रामकिशोर पाठक

होली गाए रे मचल-मचल के भ्रमर कुमुदिनी में छुप जाए रे। आज पपीहा कूक मधुर सी होली गाए रे।। कलियाँ हंँसकर इठलाई खोल पंखुरियाँ रे। लगी तितलियाँ मँडराने गलियाँ-गलियाँ रे।।…