अरज है शारदा से

अरज है शारदा से हे श्वेतपुंज ! हे शारदा! सुन लो विनय हमारी, हम दीन-हीन है पातकी तू पाप पुंज हारी। अब खोल दो माँ कमल नयन वरदान दे दो…

| माँ शारदे की महिमा – मुन्नी कुमारी |

स्व-रचित कविता माँ शारदे की महिमा सुंदर – सुंदर सपना सजाएँ, माँ शारदे की महिमा गाएँ। विद्या से जग को महकाएँ, शुद्ध विचार हृदय में आए। वीणा वादिनी, माँ शारदे,…

टीचर्स ऑफ बिहार – मधु कुमारी

एक नाम नहीं  ये है हमारा सम्मान  जिससे मिली पहचान  जो देता एक पैगाम  हमारे आत्मसम्मान के नाम……. एक ऐसा आन्दोलन  जिसने काले अक्षरों को भी  खूबसूरत और रंगीन बना…

स्वर की देवी सरस्वती-नीतू रानी

कमल आसन पर बैसल छथि, स्वर की देवी सरस्वती। माँ हँस वाहिनी ज्ञान दायिनी, विद्या दायिनी सरस्वती। कमल आसन पर बैसल छथि, स्वर की देवी सरस्वती। मांँ स्वेत वस्त्र धारिनी…

जय मां शारदे माँ तू अपने शरण में रखो अब सदा, है नमन कोटि रखना चरण मे सदा. तू दे दे हमें माँ ये आशीष कदा, ज्ञान जीवन में सुरभित…

मान मिल जाए -रामकिशोर पाठक

मान मिल जाए- गजल १२२२-१२२२, १२२२-१२२२ दबे कुचले यहाँ जो भी, उन्हें सम्मान मिल जाए। रहे कानून में समता, सही पहचान मिल जाए।। हमें रखना सदा होगा, यहाँ पर ध्यान…

मैं टीचर ऑफ बिहार हूं -रामकिशोर पाठक

मैं टीचर्स ऑफ बिहार हूँ – गीत शिक्षा का अटल आधार हूँ। मैं टीचर्स ऑफ बिहार हूँ।। बच्चों के कोमल भावों को। अपनाकर सभी सुझावों को।। शिक्षण का बना व्यवहार…