जिंदगी का सच ..अमरनाथ  त्रिवेदी

जिंदगी आज  है कल  नहीं  मिलेगी ,दुनिया  तो  इसी  तरह  चलेगी ।बहकावे में न तू किसी के आना ,तभी तो  बहारें खुशियाँ  मिलेंगी । जमाने   महफ़िल शोर है  ज्यादा ,भूलो  न कभी  तुम अपना  वादा ।जिंदगी   भर    तो  जीना  पड़ेगा , न  बदलो   कभी…

सर्दी का असर. .भावानंद सिंह

—- धनाक्षरी छंद ————————-शीत का असर देखो,सब  पे  बराबर  है,बिछावन पर दुबके, ओढ़े कम्बल है। सर्द हवा चल रही,ठिठुर रहा तन है,हो रहा बचाव उनका,जो सबल है। दिन दीनों के…

माँ शारदे-राम किशोर पाठक

धरणी छंद वर्णिक माँ शारदे, दया दिखलाओ। दे बुद्धि को, कृपा बरसाओ।। कोई कहे, तुम्हें बलशाली।मानें सदा, तुम्हें सब काली।।माता हमें, सही समझाओ।माँ शारदे, दया दिखलाओ।।०१।। कैसे कहूँ, नहीं कुछ…

नववर्ष तुम्हारा स्वागत है..आशीष अंबर

कविता नववर्ष तुम्हारा स्वागत है,खुशियाँ मिले सबको बस यही चाहत है । नया जोश, नया उल्लास छाया है,खुशियाँ लेकर अपार नववर्ष आया है । तोड़कर नफरत भरी सब दीवारें अब,प्रेम…

नए वर्ष की नयी उम्मीदें -रुचिका

नए वर्ष की नयी उम्मीदें देखो, फिर ठिठुरते,कंपकंपाते दिसंबर की सर्द रातों संग ये वर्ष अपनी अंतिम साँसें ले रहा है और फिर हमारे सोचों का सिलसिला जनवरी से लेकर…

चाहता चरण धूल -जैनेंद्र प्रसाद रवि

चाहता चरण धूल नहीं मांँगता हूंँ धन, भरा पूरा परिजन, भावना सहित तन-मन हो समर्पित। पास नहीं फल-फूल, चाहता चरण धूल, श्रद्धा सुमन तुझको करता हूंँ अर्पित। तेरी करूणा कि…

शुभ भोर -रामपाल प्रसाद सिंह

शुभ भोर हो गया उजियारा। मनमोर नाचता है प्यारा।। “अनजान”साॅंस भरपूर लिए। अनमोल ज्ञान भरपूर दिए।। खग जाग भाग कर गगन छुए। पशु दौड़ भाग कर मगन हुए।। कितना लहलह…