बाल मनुहार मां यह मुझे बता दे! आसमान क्यों है नीला कैसे उड़ लेती है चिड़ियां इस नील गगन में[...]
जड़मति-राम किशोर पाठक जड़मति-राम किशोर पाठक
समझ न पाता, मन घबराता। जड़मति हूॅं मैं, कुछ कर माता।। अगर कृपा माँ, कर कुछ दोगी। हर दुविधा को,[...]
चल रही – राम किशोर पाठक चल रही – राम किशोर पाठक
लड़खड़ाती जिंदगी यह, आज भी है चल रहीं। सामने है काल तो क्या, काल को भी खल रही।। हौसलों को[...]
रजाई- राम किशोर पाठक रजाई- राम किशोर पाठक
लिपट-लिपट मैं जिसके रहती। शीत लहर को हँसकर सहती।। संग मुझे लगता सुखदाई। क्या सखि? साजन! न सखि! रजाई।।०१।। रंग[...]
खुद ही राह बनाओ – अमरनाथ त्रिवेदीखुद ही राह बनाओ – अमरनाथ त्रिवेदी
जमाना सुनता सबकी बातें , सोच समझ करता निज मन की । बनेगी पहचान तो तभी उसे ही , निकलेगी बात ज़ब उसके दिल की । कदम – कदम पर मिलती नसीहत मिलते[...]
हिल-मिल जाइए-राम किशोर पाठक हिल-मिल जाइए-राम किशोर पाठक
आज हुआ है तमस घनेरा, दीप जलाइए। फैलाकर उजियारा जग का, मित्र कहाइए।। स्वार्थ भावना को तजने से, खोते कुछ[...]
आजमाने के लिए-राम किशोर पाठक आजमाने के लिए-राम किशोर पाठक
वक्त लोगों को बहुत है आजमाने के लिए। दाव सारे जानते हैं जो गिराने के लिए।। वक्त ने ऐसा सितम[...]
प्रेम पुजारी -जैनेंद्र प्रसाद रविप्रेम पुजारी -जैनेंद्र प्रसाद रवि
प्रभाती पुष्प प्रेम पुजारी सभी भक्त प्रेमियों की- करुण पुकार सुन, दुख देख द्रवित हो, जाता है ये कन्हैया। यमुना[...]
समृद्ध भारत -रामकिशोर पाठकसमृद्ध भारत -रामकिशोर पाठक
समृद्ध भारत – दोहा छंद गीत है समृद्ध भारत सदा, बौद्धिकता में खास। हमें गर्व होता रहा, है पावन इतिहास।।[...]
ईश्वर से जुड़े तार -एस. के.पूनमईश्वर से जुड़े तार -एस. के.पूनम
🙏ऊँ कृष्णाय नमः🙏 रूपघनाक्षरी छंद। (ईश्वर से जुड़े तार) उत्कीर्णन पीत वर्ण, रश्मियों का शृंगार है, दिशा प्राची रवि खड़े,करते[...]
