जाड़े की धूप.. मो आसिफ़ इक़बालजाड़े की धूप.. मो आसिफ़ इक़बाल

0 Comments 9:09 am

दुनिया के सारे इंसान बच्चे बूढ़े और जवान देखो कितनी ठंड पड़ी ठिठुर ठिठुर सब हैं परेशान।। अब तो एक[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

राज को न खोलिए..रामकिशोर पाठकराज को न खोलिए..रामकिशोर पाठक

0 Comments 7:02 pm

राज को न खोलिए २१२-१२१-२ राज को न खोलिए।और से न बोलिए।। प्रीति नैन में बसी।आप खास हो लिए।। शब्द-शब्द[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

आपस में प्यार हो.. जैनेंद्र प्रसाद रविआपस में प्यार हो.. जैनेंद्र प्रसाद रवि

0 Comments 6:58 pm

*आपस में प्यार हो*(मनहरण घनाक्षरी छंद)**********************कोई कहे लाख बुरा- करता   बुराई   नहीं, *अवगुण गुण बन-जाए सद्विचार हो*। यदि हो अभिन्न[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

बम शिव कहके- मधुमति छंद वर्णिक – राम किशोर पाठकबम शिव कहके- मधुमति छंद वर्णिक – राम किशोर पाठक

0 Comments 9:54 pm

बम शिव कहके- मधुमति छंद वर्णिक – राम किशोर पाठक १११-१११-२ उपवन महके। खर खग चहके।। तन-मन बहके। बम शिव[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

गणेश- कहमुकरी – राम किशोर पाठकगणेश- कहमुकरी – राम किशोर पाठक

0 Comments 9:49 pm

गणेश- कहमुकरी पेट बड़ा हर-पल दिखलाता। लड्डू झट-पट चट कर जाता।। मोहित करता सुनहरा केश। क्या सखि? साजन! न सखी![...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Nitu Rani

शिक्षा और समाज – नीतू रानीशिक्षा और समाज – नीतू रानी

0 Comments 9:43 pm

शिक्षा और समाज बिना शिक्षा के मिटै न अंधकार। शिक्षा से समाज का होता अधिक विकास, पढ़-लिखकर शिक्षित होंगे हमारे[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
S K punam

रूपघनाक्षरी – शृंगार – एस.के.पूनमरूपघनाक्षरी – शृंगार – एस.के.पूनम

0 Comments 9:38 pm

ऊँ कृष्णाय नमः विधा:-रूपघनाक्षरी। विषय:-शृंगार। उठती हैं सागर में, तरंगें हजारों बार, सिन्धु करे जल राशि,से शृंगार बार-बार। केवट है[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

सत्य अगर बोलूं..रामकिशोर पाठकसत्य अगर बोलूं..रामकिशोर पाठक

0 Comments 9:33 pm

सत्य अगर बोलूँ- महा_शशिवदना छंद सत्य अगर बोलूँ, रूठ सभी जाते।झूठ कभी बोलूँ, संग चले आते।। मुश्किल होती है, सत[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

शब्दों के मोती..रामकिशोर पाठकशब्दों के मोती..रामकिशोर पाठक

0 Comments 9:30 pm

शब्दों के मोती- महा_शशिवदना छंद शब्दों के मोती, मैं चुनकर आऊँ।कैसे भी उनको, सुंदर कर जाऊँ।। उनसे है बनता, गीतों[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

मेरा जीवन..रामकिशोर पाठकमेरा जीवन..रामकिशोर पाठक

0 Comments 9:27 pm

मेरा जीवन- गौरा सवैया २१२*६+२२२+११ जो हमें तू दिया नेह से हूँ लिया सर्व स्वीकार संजोया है मन।साथ देते रहा[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें