शिक्षा सुलभ बनाना- राम किशोर पाठक 

विद्यालय कार्यभार लेकर, हैं खोये। कागज में जैसे उलझ गए, हैं रोये।। शिक्षा के नव अंकुर मन में, जो बोये। चक्रव्यूह में फंँसा हुआ सा, है सोये।। सुधार हमें व्यवस्था…

सबल प्रेरणा हिंदी

सबल प्रेरणा हिन्दी हिंदी भाषा हर भाषा से पहचान कराती है, अक्षर-अक्षर, शब्द-शब्द में अनुपम प्यार लुटाती है। माँ के मुख से लोरी बनकर, शिशु कर्ण तक जाती है, तोतली…

हिंदी – सार छंद

हिंदी – सार छंद सागर सी है गहरी भाषा, प्रेम जगाने वाली। इसके अंदर ज्ञान छुपा है, सुंदर सुखद निराली।। संस्कृत की बेटी हिंदी है, अति मनहर सी भाषा। वधु…

मत बांधो मेरे पंखों को – बिंदु अग्रवाल

मत बाँधों मेरे पँखों को,मुझे उन्मुक्त गगन में उड़ने दो।अभी जरा बचपन है बाकी,मदमस्त पवन सी बहने दो। अभी उमर चौदह की केवल,अभी मुझे पढ़ना है।अभी तो चलना सीखा मैंने,अभी…

भाषा वही हमारी होती- अमरनाथ त्रिवेदी

भाषा वही हमारी होती हिंदी है मुस्कान हमारी ,यह तो सबकी प्यारी है ।जीवन के सतत संघर्ष में भी ,यह तो सबसे न्यारी है । भाषा वही हमारी होती ,जिसमें…

हिंदी दिवस रामपाल प्रसाद सिंह

हिंदी दिवस शिखर हिमालय से भी ऊॅंचा, हिंदी तुमको पाऊॅं मैं। तभी कहाऊॅं हिंदी भाषी, गुरुता जग समझाऊॅं मैं।। वेद पुराणों की परिभाषा, सरल बनाने तू आई। पूर्वज का इतिहास…

जीवित्पुत्रिका व्रत

जीवित्पुत्रिका व्रत माता निर्जल व्रत करे, सुखी रहे संतान। महाकाल को पूजती, जो लेते संज्ञान।। एक दिवस उपवास का, कोटि विधि स्वीकार। सुखमय मेरा लाल हो, करती सदा विचार।। भाँति-भाँति…

राष्ट्रीय हिंदी दिवस – दोहे

राष्ट्रीय हिंदी दिवस – दोहे भाषा मधुरिम सरल सी, जन-मानस की चाह। रस अलंकार से युक्त है, रखती शब्द अथाह।।०१।। शब्द समाहित कर रही, हरपल सिंधु समान। स्वाद सभ्यता की…