छ्ठ मैया की महिमा निराली खड़ें है हर घाटों में , हैं सूप हाथों में लेकर । लगा रहे हैं[...]
आओ छठ पर्व मनाएं शैलेन्द्र कुमारआओ छठ पर्व मनाएं शैलेन्द्र कुमार
आओ छठ पर्व मनाएं एकता, भाईचारा, सौहार्द फैलाएं आओ छठ पर्व मनाएं।। नहाए खाए, सहना, खड़ना रस्म निभाएं आओ छठ[...]
छठ की गरिमा -अमरनाथ त्रिवेदीछठ की गरिमा -अमरनाथ त्रिवेदी
2 छठ पर्व की गरिमा वंश परम्परा चलती रहे , सुख से जियें लोग सभी । कामना करते छठ व्रती यही , बन जाए सबकी बात सभी ।[...]
छठ की महिमा -अमरनाथ त्रिवेदीछठ की महिमा -अमरनाथ त्रिवेदी
1 छठ की महिमा तन ,मन, धन , श्रद्धा ,भक्ति , एक साथ हो जिस पर्व मे । भक्ति का यह अनुपम[...]
मर्द -दीपक कुमारमर्द -दीपक कुमार
मर्द – क्या मर्द को दर्द नहीं होता ? होता जरूर है । पर वह बयां नहीं करता। जिम्मेदारियां! चुप[...]
विवशता में सिसकते हैं -एस के पूनमविवशता में सिसकते हैं -एस के पूनम
विधा:-विधाता छंद।व्यंग।(विवशता में सिसकते हैं ) चुनावों के समय पर ही,प्रजा की याद आती है। करे वादें सभाओं में,प्रजा सुनकर[...]
मतदान है लोकतंत्र की जान – अवधेश कुमारमतदान है लोकतंत्र की जान – अवधेश कुमार
जनता की ताकत, जनता की शान,मतदान है लोकतंत्र की जान। हाथों में है शक्ति अपार,एक वोट बदल दे देश का[...]
एक पेड़ मां के नाम – अवधेश कुमारएक पेड़ मां के नाम – अवधेश कुमार
🌿 एक पेड़ माँ के नाम 🌿 माँ की ममता धरती पर आयी,हरियाली संग खुशियाँ लायी । जिसकी छाया में[...]
एक जमाना था – राम बाबू रामएक जमाना था – राम बाबू राम
एक जमाना थाजब बच्चे गिल्ली-डंडा खेला करते थे। एक जमाना थाजब बच्चे दादी की कहानियां सुना करते थे। एक जमाना[...]
छठ पूजा -जैनेन्द्र प्रसाद रविछठ पूजा -जैनेन्द्र प्रसाद रवि
रूप घनाक्षरी छंद में श्रद्धा रख नर-नारी,सालों करते तैयारी,लोक आस्था का है चार दिवसीय अनुष्ठान। सूरज का ध्यान धर-करते हैं[...]
