पद्यपंकज Bhawna साथ रहते गए-राम किशोर पाठक 

साथ रहते गए-राम किशोर पाठक 


Ram Kishore Pathak

तंज कसते गए।

अश्क बहते गए।।

मान मैंने लिया।

और सहते गए।।

दर्द पीकर सभी।

मस्त हँसते गए।।

रंज कोई नहीं।

साथ रहते गए।।

होश सबके उड़े।

लोग कहते गए।।

बात होती गई।

राज खुलते गए।।

राह धीरे मगर।

रोज चलते गए।।

पाँव रोका नहीं।

पास बढ़ते गए।।

चाह थी जो हमें।

खास मिलते गए।।

रचनाकार:- राम किशोर पाठक 

प्रधान शिक्षक 

सियारामपुर, पालीगंज, पटना, बिहार।

संपर्क – ९८३५२३२९७८

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