जब घोषणा हुई स्वाधीनता का
हर मन प्रफुल्लित हो आया था ।
खुशियों से झूमे उठे भारतवासी
सैकड़ों वर्षों बाद ये पल आया था ।
पराधीन था जब भारत अंग्रेजी जंजालों
वीर सपूतों के खून ने उबाल आया था ।
गांधी , आजाद , बोस आदि के दंभ ने
अंग्रेजों को भारत से मार भगाया था।
जग गण से नारों से गूंज उठी थी गलियां
जहां सैकड़ो वर्षों से सन्नाटा छाया था।
उस पल को देखने को मन था व्याकुल
जब लाल किला पर तिरंगा लहराया था ।
एम० एस० हुसैन “कैमूरी”
शिक्षक सह युवा कवि
उत्क्रमित मध्य विद्यालय
छोटका कटरा
मोहनियां कैमूर

