Tag: रत्ना प्रिया

Ratna Priya

कृष्ण – रत्ना प्रियाकृष्ण – रत्ना प्रिया

0 Comments 8:09 pm

कृष्ण – रत्ना प्रिया द्वापर युग में आए थे तुम, कलियुग में भी आना कृष्ण, दुष्टजनों के पाप नाशकर, धर्म[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

बाल-विवाह – रत्ना प्रियाबाल-विवाह – रत्ना प्रिया

0 Comments 11:19 am

बाल-विवाह – रत्ना प्रिया ब्याह नहीं कोमल कलियों का फूलों-सा खिल जाने दो, बचपन, शिक्षा और यौवन को, मंजिल तो[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ratna Priya

बाल-विवाह – रत्ना प्रियाबाल-विवाह – रत्ना प्रिया

0 Comments 9:50 pm

बाल-विवाह – रत्ना प्रिया ब्याह नहीं कोमल कलियों का फूलों-सा खिल जाने दो, बचपन, शिक्षा और यौवन को, मंजिल तो[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ratna Priya

दुश्मन की गद्दारी – रत्ना प्रियादुश्मन की गद्दारी – रत्ना प्रिया

0 Comments 4:57 pm

मुख में राम बगल में छुरी, लानत ऐसी यारी को । अब भारतीय नहीं सहेंगे, दुश्मन की गद्दारी को ।।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

पुस्तकें – रत्ना प्रियापुस्तकें – रत्ना प्रिया

0 Comments 5:15 pm

जीवन की आधार पुस्तकें, ज्ञान की भंडार पुस्तकें, “तमसो मा ज्योतिर्गमय” की, भरती है संस्कार पुस्तकें । जग को राह[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

वीर कुँवर सिंह – रत्ना प्रियावीर कुँवर सिंह – रत्ना प्रिया

0 Comments 12:45 pm

वीर कुँवर, तुम मगध भूमि के, भारती के लाल थे, अंग्रेजों को मार भगाने, संहारक व काल थे। अस्सी वर्ष[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ratna Priya

हरियाली विकसाएँ हम- रत्ना प्रियाहरियाली विकसाएँ हम- रत्ना प्रिया

0 Comments 8:06 pm

सूरज के प्रचण्ड ताप से , अब नहीं कुम्हलाएँ हम । आओ करें श्रृंगार धरा का, हरियाली विकसाएँ हम ॥[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ratna Priya

समत्व योग उच्यते – रत्ना प्रियासमत्व योग उच्यते – रत्ना प्रिया

0 Comments 7:00 pm

सद्ज्ञान के प्रकाश को, चहुँदिश फैलाएँ हम । ‘ समत्व योग उच्यते ’ की भावना विकसाएँ हम ॥ वह देश[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ratna Priya

शिक्षा के दीप- रत्ना प्रियाशिक्षा के दीप- रत्ना प्रिया

0 Comments 7:43 pm

पंचतत्व से निर्मित दिए में , स्नेह- घृत व बाती डालें। हम सब शिक्षक आगे बढ़कर ,नव-शिक्षा के दीप जला[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें