कागज के फूल कागज़ के जो फूल हैं, सुंदर दिखते आज। खुशबू इनमें है नहीं, फीका सारा काज।। चेहरे पर[...]
Tag: teacher
धुंध और सूरज”धर्मेंद्र कुमार ठाकुरधुंध और सूरज”धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
“धुंध और सूरज” मन की थकी परछाईं है यह, केवल पल की तन्हाई। यह कोई स्थाई हार नहीं, मत मानो[...]
शहीद महाराणा प्रताप।_ नीतू रानीशहीद महाराणा प्रताप।_ नीतू रानी
शहीद महाराणा प्रताप। विषय -वीर गाथा 6.0 शीर्षक -राणा प्रताप को पढ़ लेना। महाराणा प्रताप के पिता महाराणा उदय सिंह[...]
दीपों का उत्सव तभी सुहाए, जब कूड़ेदान को उपहार मिले। – उमेश कुमार सिन्हा ” “निर्देशक “दीपों का उत्सव तभी सुहाए, जब कूड़ेदान को उपहार मिले। – उमेश कुमार सिन्हा ” “निर्देशक “
शीर्षक :- दीपों का उत्सव तभी सुहाए, जब कूड़ेदान को उपहार मिले। – उमेश कुमार सिन्हा ” “निर्देशक ” दीपोत्सव[...]
सुहाग का पर्व: करवा चौथ_धर्मेंद्र कुमार ठाकुरसुहाग का पर्व: करवा चौथ_धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
सुहाग का पर्व: करवा चौथ व्रत करवा चौथ का पावन, प्रेम का यह पर्व महान, रखती हैं सुहागिनें देखो, पति[...]
शीत ऋतु की दस्तक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरशीत ऋतु की दस्तक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
शीत ऋतु की दस्तक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर गुनगुनी धूप का मीठा साया, लो सर्दी का मौसम आया। दिन छोटे[...]
‘वाणी-संवाद’ – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर‘वाणी-संवाद’ – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
‘वाणी-संवाद’ – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर सम्’ उपसर्ग व ‘भाषण’ मिले, बने शब्द अनमोल। सम्यक सुंदर बातचीत, मिश्री जैसे बोल॥ दो[...]
मैं फलक – तू चाँद मेरा – पुनम कुमारीमैं फलक – तू चाँद मेरा – पुनम कुमारी
मैं फलक – तू चाँद मेरा – पुनम कुमारी मैं फलक हूँ, तू चाँद मेरा, तुझसे ही रोशन संसार मेरा।[...]
सद्भाव की दीपावली – सुबाला कुमारीसद्भाव की दीपावली – सुबाला कुमारी
सद्भाव की दीपावली – सुबाला कुमारी सब मिलकर एक दीप जलाएं अपने अन्तर्मन की द्वेष मिटाए निर्बलों, असहायों को आस[...]
सब मिलकर एक दीप जलाएं – सुबाला कुमारीसब मिलकर एक दीप जलाएं – सुबाला कुमारी
सब मिलकर एक दीप जलाएं – सुबाला कुमारी खेतों ने ओढ़ ली है धानी चादर भूमिपुत्र भी मंद मंद मुस्कुरा[...]
