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वर्तमान में मां का नव रूप:- पुरुषोत्तम कुमार वर्तमान में मां का नव रूप:- पुरुषोत्तम कुमार 

0 Comments 9:26 pm

वर्तमान में मां का नव रूप:- पुरुषोत्तम कुमार    आज भी माता का नव रूप समाज में है विद्यमान स्त्री[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

चेहरों का मेला(भ्रम):-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर चेहरों का मेला(भ्रम):-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर 

0 Comments 9:18 pm

चेहरों का मेला(भ्रम):-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर  घृणा नहीं है किसी से, न कोई शिकायत है, बस इस स्वार्थी संसार की एक[...]

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अभी उम्मीद बाकी है- उमेश कुमार सिन्हा ‘अभी उम्मीद बाकी है- उमेश कुमार सिन्हा ‘

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अभी उम्मीद बाकी है- उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक ‘ हर कहानी का अंत कहाँ, कुछ पन्ने शेष भी रहते हैं,[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

रस-वृक्ष (काव्य रूप) :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुररस-वृक्ष (काव्य रूप) :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर

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रस-वृक्ष (काव्य रूप) :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर हृदय-भूमि पर उगा हुआ है, एक अनूठा रस का वृक्ष, काव्य-जगत का गौरव[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

छंद-शास्त्र का सार:- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर छंद-शास्त्र का सार:- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर 

0 Comments 8:56 pm

छंद-शास्त्र का सार:- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर  यहाँ मेरे द्वारा दी गई छंद शास्त्र की जानकारी को सरल, लयबद्ध और गेय[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

मौन और अनुभव :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुरमौन और अनुभव :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर

0 Comments 8:48 pm

मौन और अनुभव :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर चलो अब जाने भी दो क्या करोगे कथा सुनकर, ये चोट जो गहरी[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

हम है कर्जदार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरहम है कर्जदार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 10:58 pm

हम है कर्जदार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर हम है कर्जदार हाँ, हम कर्जदार हैं… गुनाहगार नहीं, बस जिम्मेदारियों के बीमार[...]

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Dhiraj Kumar

नए–नए वृक्ष लगाना है – धीरज कुमारनए–नए वृक्ष लगाना है – धीरज कुमार

0 Comments 10:35 pm

नए –नए वृक्ष लगाना है – धीरज कुमार मानव जीवन हमने पाया, बुद्धि का मिला खज़ाना है, तो वसुधा को[...]

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कुष्माण्डेति चतुर्थकम् “_अरविंद मिश्र “नीरज “कुष्माण्डेति चतुर्थकम् “_अरविंद मिश्र “नीरज “

0 Comments 10:25 pm

“कुष्माण्डेति चतुर्थकम् ” रविसम दीप्त देह केर आभा, दुर्गा अष्ट भुजा बाली। इषित हाससँ सृजित केलहुँ ब्रह्मांड सकल पुनि प्रतिपाली।[...]

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मरती संवेदनाएं _ रानी कुमारीमरती संवेदनाएं _ रानी कुमारी

0 Comments 10:18 pm

शीर्षक – मरती संवेदनाएं आज इस समाज के भागमभाग में कैसी अजब दीवार बैठी है? संवेदनाएं मर गई कुरीति और[...]

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