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भारत के ये वीर सपूत,
जिसने मिटाया छुआछूत।
रामजी मालोजी सकपाल के थे सुपुत्र
भीमाबाई के थे चौदहवीं पुत्र।
गरीब परिवार में लिए अवतार,
व्यक्तियों में बन गए वो खास।
रोज पढ़ने जाते थे स्कूल,
शिक्षक बैठाते, उन्हें बच्चों से दूर।
जब लगती थी इनको प्यास,
कोई न देता इनको गिलास।
जाते थे जब आप कुँए के पास,
कोई ऊपर से गिराता पानी हाथ।
पानी पीकर लौटते थे निराश,
नहीं देता इनका कोई साथ।
जब पढ़-लिखकर बन गए लाल,
मिटा दिए छुआछूत जात-पात।
मिटा दिए दलितों का श्राप,
संविधान खुद से लिखे आप।
काम करते-करते थक गए आप,
चीनी बीमारी ने धर लिया साथ।
आप थे समाज सुधारक और नेक इंसान,
इसीलिए आपको बुला लिए भगवान।
आज है आपका जन्म दिवस
हम करते शत्-शत् बार प्रणाम,
जबतक सूरज चाँद रहेगा
अमर रहेगा आपका नाम।
नीतू रानी
स्कूल-म० वि० सुरीगाँव
प्रखंड-बायसी
जिला-पूर्णियाँ, बिहार

