Day: May 1, 2024

Nitu Rani

बेचारा मजदूर- नीतू रानीबेचारा मजदूर- नीतू रानी

0 Comments 5:11 pm

बेचारा मजदूर दिनभर करता मजदूरी परिवार से रहता दूर, बेचारा मजदूर। कभी खेत में काम है करता कभी सड़कों पर[...]

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Jainendra

बचपन की शरारतें – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’बचपन की शरारतें – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 5:10 pm

जब कोई फल भाता, दूर से नज़र आता, छिप कर बागानों से, टिकोले को तोड़ता। गाँव की हीं महिलाएँ, कुएँ[...]

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Awanish Kumar Avi

मेरे प्रश्नों के उत्तर- अवनीश कुमारमेरे प्रश्नों के उत्तर- अवनीश कुमार

0 Comments 5:08 pm

अम्मा तुम तो कहती है चाँद पर एक बुढ़िया जो है चरखा चलाती पर मुझे अम्मा क्यों ऐसा लगता चाँद[...]

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Manu

रिश्ते दिलों के- मनु कुमारीरिश्ते दिलों के- मनु कुमारी

0 Comments 5:05 pm

रिश्ते दिलों के निभाये हैं हमने, गमों में भी अक्सर मुस्कुराये हैं हमने। है बहुत हीं प्यारा ये नाजुक सा[...]

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S K punam

कैसी ये पहेलियाँ- एस.के.पूनमकैसी ये पहेलियाँ- एस.के.पूनम

0 Comments 5:03 pm

मनहरण घनाक्षरी (कैसी ये पहेलियाँ) पतझड़ में पत्तियां, दूर चली उड़कर, शांत मौन नभचर,सूनी-सूनी डालियाँ। कलियाँ भी मुर्झाकर, बिखरी है[...]

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