Day: October 18, 2025

मिलकर दीप जलाएँ – बाल गीतमिलकर दीप जलाएँ – बाल गीत

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मिलकर दीप जलाएँ – बाल गीत आओ खुशी मनाएँ। मिलकर दीप जलाएँ।। घना अँधेरा छाया। धन्य अमावस आया।। कहते सभी[...]

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दीप जलाने आओ – राम किशोर पाठकदीप जलाने आओ – राम किशोर पाठक

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दीप जलाने आओ- गीत वैर को आज मिटाने आओ। दीप से दीप जलाने आओ।। द्वेष कोई अपनाना छोड़ो। भाव सारे[...]

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Girindra Mohan Jha

पानी – गिरींद्र मोहन झापानी – गिरींद्र मोहन झा

0 Comments 9:15 pm

पानी तू रंगहीन होती, फिर भी तेरे रंग अनेक,श्रेष्ठ विलायक बनकर तू कितनों को करती एक,आंखों का पानी, हो सबके[...]

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Jainendra

तुमसे लगन लगी -जैनेंद्र प्रसाद रवितुमसे लगन लगी -जैनेंद्र प्रसाद रवि

0 Comments 6:54 pm

तुमसे लगन लगी ग्वाल-बाल संग मिल, गोपियों के घर जाते, आदत थी छिपकर, माखन चुराने की। गांव की ग्वालन जातीं,[...]

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उम्मीद का दिया अवधेश कुमारउम्मीद का दिया अवधेश कुमार

0 Comments 6:33 pm

उम्मीद का दिया : एक शिक्षक की दीपावली उम्मीद का दिया जलाता हूँ, जीवन को नया अर्थ देता हूँ। कुछ[...]

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