मेरा प्यारा खिलौना – कार्तिक कुमार
मेरा प्यारा खिलौना है,
सबसे सुंदर, न्यारा है।
लाल रंग की छोटी गाड़ी,
चलती जैसे तेज सवारी।
गुड़िया मेरी हँसती है,
मुझसे बातें करती है।
भालू उसका साथी प्यारा,
लगता मुझको सबसे न्यारा।
खेल-खेल में सीखूँ बातें,
बाँटूँ सबके संग सौगातें।
खिलौने से खुशियाँ आतीं,
मन में नई उमंग जगातीं।
खिलूँ, सीखूँ, आगे बढ़ूँ,
पढ़-लिखकर मैं नाम करूँ।
खिलौना मेरा मित्र है प्यारा,
मुझको लगता सबसे न्यारा।
खेलूँ, सीखूँ, हँसता जाऊँ,
सब बच्चों संग मिलकर गाऊँ।
मेरा प्यारा खिलौना है,
मेरे मन का सपना है।
प्रस्तुति: कार्तिक कुमार
विद्यालय: मध्य विद्यालय कटरमाला, गोरौल, वैशाली
मोबाइल: 7004318121
पता: कटरमाला, प्रखंड गोरौल, जिला वैशाली, बिहार

