जिसके साए तले बढ़ते हैं राजा और रंक या फिर हो कोई मलंग जन्म से लेकर जवानी तक उसी के[...]
Author: Anupama Priyadarshini
ऐ इंसान तुम इंसानियत क्यों भूलते हो -नीतू रानीऐ इंसान तुम इंसानियत क्यों भूलते हो -नीतू रानी
ऐ इंसान तुम इंसानियत क्यों भूलते हो कभी भी मेरी खोज नही करते तुम न हीं कभी कोई खैरियत पूछते[...]
दिल के आंसू -जय कृष्णा पासवानदिल के आंसू -जय कृष्णा पासवान
दुनिया के हर सितम, मुझपे छलकती है । मगरूर है ज़माना देखो, क्या मजाक उड़ाती है।। “तपता है दिल मेरा”[...]
माँ की वेदना – अवनीश कुमार ‘अवि’माँ की वेदना – अवनीश कुमार ‘अवि’
है कलयुग ,पाप चारो ओर छा रहा रावण ,कंस, दुःशासन पग पग डोरे डाल रहा धरती की रूह ,है काँप[...]
जल संरक्षण – नवाब मंजूरजल संरक्षण – नवाब मंजूर
है जरूरी क्योंकि अनमोल है जीवन आपका मेरा सबका विशालकाय जीव और तुच्छ का! शरीर भी बना है इसका जीवन[...]
मैं भारत ज्ञान प्रदाता हूँ- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’मैं भारत ज्ञान प्रदाता हूँ- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
मैं भारत, ज्ञान प्रदाता हूँ। प्रज्ञा की ज्योति जलाता हूँ।। अपनी संस्कृति, सबसे सुंदर, यह जन-जन को बतलाता हूँ। मैं[...]
पीएम पोषण योजना- नवाब मंजूरपीएम पोषण योजना- नवाब मंजूर
भोजन करते बच्चे लगते कितने अच्छे एक कतार में एक पंगत में अपने मित्रों के संगत में खा रहे हैं[...]
नमन मंच – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’नमन मंच – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
मनहरण घनाक्षरी “”””””””””””””””””””'” “डूबते को तिनके का” +++++++++++++ हजारों तारों के बीच, हमेशा चमकता है, जैसे आसमान बीच- एक ध्रुवतारा[...]
अवकाश चाहिए -संजय कुमारअवकाश चाहिए -संजय कुमार
थकान जो उतार दे, मन के अवसाद का मुझे वैसी अवकाश चाहिए। भागम भाग भरे जीवन में यन्त्र बने हम[...]
दोहावली -देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली -देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
काया वह किस काम की, अगर न हो उपयोग। श्रम की ज्वाला में तपा, करिए तब उपभोग।। बुरा कर्म होता[...]
