जगमग ज्योति जली दीपों की, यह धरती मुसकायी है, कण-कण आलोकित करने को, यह दीवाली आयी है | नवयुग के[...]
Author: Anupama Priyadarshini
विकास की मार – जैनेन्द्र प्रसाद रविविकास की मार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि
चहुओर चकाचौंध दिवाली की रात है। सफाई के साथ लाई खुशी की सौगात है।। बल्बों की लड़ियों से घरों को[...]
दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
दीप जलें जब द्वार पर, मिलता नवल प्रकाश। खुशियाँ अंतस् तब मिलीं, हुआ तिमिर का नाश।। दीप अवलि में सज[...]
बाल दिवस – नीतू रानी “निवेदिता”बाल दिवस – नीतू रानी “निवेदिता”
नेहरु जी आज है 14 नवंबर का दिन आज के दिन हैं बड़े महान, आज हीं जन्म लिए नेहरू जी[...]
केवल प्रकाश है – एस.के.पूनमकेवल प्रकाश है – एस.के.पूनम
प्रिय दीप बनकर, हिया करे जगमग, शेष नहीं अब दंभ,केवल प्रकाश है। नित्य दीया जल कर, बिखरने लगी आभा, उज्जवल[...]
मानवता हीं धर्म है – नीतू रानीमानवता हीं धर्म है – नीतू रानी
मेरा मानवता हीं धर्म है यदि मानव ,मानव न बन सका तो मानव के लिए तब शर्म है मेरा मानवता[...]
नाम की महिमा – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’नाम की महिमा – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
सूर – रसखान करें महिमा की गुण गान, छोड़ जग दिन रात, मीरा जपी राधे श्याम। नाम का सहारा ले[...]
दीपावली – एस.के.पूनमदीपावली – एस.के.पूनम
शीतल कार्तिक मास, आशाओं के फूल खिले, करें अब खरीदारी,कई मिले हैं संदेश। बाजारों में भीडभाड़, खरीदारों की कतारें, चकाचौंध[...]
प्रेम-दीप – रंजीत कुशवाहाप्रेम-दीप – रंजीत कुशवाहा
चलो प्रेम के दीप जलाएं। भेदभाव को दूर भगाएं। ****** मानव में क्यों द्वेष आज है। खंडित होता क्यों समाज[...]
प्रकाशोत्सव – जैनेन्द्र प्रसाद रविप्रकाशोत्सव – जैनेन्द्र प्रसाद रवि
चहुओर दीवाली में छतों और दीवारों पे, करती हैं जगमग, बल्बों की ये लड़ियांँ। कोई उपहार लाते मिठाई मलाई खाते,[...]
