Author: Anupama Priyadarshini

Jainendra

धान की बुआई – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’धान की बुआई – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

1 Comment 4:18 pm

मिलके लुगाई संग धान की बुवाई करें, फसल उगाने हेतु किसान लगाता जोर। हल उठा काँधे पर खेतों की जुताई[...]

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Devkant

कुंडलिया – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’कुंडलिया – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 6:33 pm

आया सावन झूमकर, हर्षित हुए किसान। ‌हरी-भरी यह भूमि हो, यही हमारी आन।। यही हमारी आन, सदा गुण ऊर्जा भरिए।[...]

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Jainendra

बेबस इंसान – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’बेबस इंसान – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 6:32 pm

रूप घनाक्षरी छंद पानी हेतु किसानों की नजरें तरस रहीं, धूल उड़े सावन में देख रहे आसमान। नमी बिना खेतों[...]

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Nitu Rani

तिरंगा – नीतू रानीतिरंगा – नीतू रानी

0 Comments 6:30 pm

तीन रंग का मेरा झंडा कितना सुन्दर प्यारा है, इसको वीर सपूतों ने मिलकर इसे संवारा है। देखो ऊपर लहर[...]

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Jainendra

बरखा बहार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’बरखा बहार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 1:21 pm

बरखा बहार आई मन में उमंग छाई, मोती जैसे आसमान झमाझम बरसे। नई – नई दूब उगी, फसल की आस[...]

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Jainendra

प्रकृति के आगे लाचार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’प्रकृति के आगे लाचार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:02 am

छंद -रूप घनाक्षरी अचानक मौसम ने बदला है करवट, आज सारे जीव जंतु गर्मी से गए हैं हार। पसीने से[...]

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Devkant

दोहा – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहा – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 9:44 pm

दीप जलाकर ज्ञान का, करिए गुरु का गान। चरण शरण रहकर सदा, तजिए निज अभिमान।। गुरुवर प्रतिदिन शिष्य को, देते[...]

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Nitu Rani

जन्मदिन गीत – नीतू रानीजन्मदिन गीत – नीतू रानी

0 Comments 9:43 pm

नाना नाती का मना जन्मदिन, बड़ी धूमधाम से। जन्मदिन के दिन सत्संग भजन हुआ, संतों का मिला आशीष संतों के[...]

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