मनहरण घनाक्षरी छंद ठंडी-ठंडी हवा चली, मुरझाई कली खिली, देखो नीला आसमान, काला घन चमके। कोयल की सुन शोर, छाई[...]
Author: Anupama Priyadarshini
मजदूर- मीरा सिंह “मीरा”मजदूर- मीरा सिंह “मीरा”
माना नहीं मशहूर वह सबकी आंखों का नूर वह। नित नया रचता रहे कुछ हम सबका है गुरुर वह।। काम[...]
श्रमिक की व्यथा-कथा- सुरेश कुमार गौरवश्रमिक की व्यथा-कथा- सुरेश कुमार गौरव
मैं भी शान से जीना चाहता हूं मेहनत की रोटी कमाता हूं, दृढ़ शौक है मेरे भी कुछ, बच्चों को[...]
मौसम का रंग- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’मौसम का रंग- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
(रूप घनाक्षरी छंद) ठंडी-ठंडी हवा चली, सूखी मिट्टी हुई गीली, धूल भरी आंधी लाया, बादल ने बूंदों संग। हाँफ रहे[...]
बाल मजदूर- अश्मजा प्रियदर्शिनीबाल मजदूर- अश्मजा प्रियदर्शिनी
अपने बचपन को खोता कितना वह लाचार। मलिन सी काया,दुर्बल छवि,जीर्ण- शीर्ण आकार। अत्यंत आवश्यक प्यासे को पानी भूखे को[...]
पुस्तक- मीरा सिंह “मीरापुस्तक- मीरा सिंह “मीरा
पुस्तक होती ज्ञान दायिनी सबको राह दिखाती है। मानव का सच्चा साथी बन हर पग साथ निभाती है।। अम्मा बन[...]
प्रजनन- ओम प्रकाशप्रजनन- ओम प्रकाश
वो जैवप्रक्रिया जिसमें हो अपने जैसे जीवों का सृजन, जंतुओं में या पौधों में हो, कहलाता है बच्चो प्रजनन। खंडन,[...]
प्यारी गुड़िया- मीरा सिंह “मीराप्यारी गुड़िया- मीरा सिंह “मीरा
नन्ही मुन्नी प्यारी गुड़िया सबकी राज दुलारी गुड़िया। तितली जैसी उड़ती फिरती खुशियों की किलकारी गुड़िया।। कभी गले से आकर[...]
कुंडलियां छन्द – मनु कुमारीकुंडलियां छन्द – मनु कुमारी
कुंडलियां छन्द-मैथिली ( बैसाखी पर्व पर ) बैसाखी पाबैन में,दुलहिन रहूं जुड़ाय। अचल रहय अहिबात आ, सुन्दर बनय सुभाय।। सुन्दर[...]
जननायक- अशोक कुमारजननायक- अशोक कुमार
हे जननायक तुमको, शत-शत करूं प्रणाम| भारत की अमर कृति, में अमर तुम्हारा नाम|| माता भीमाबाई के लाल, पिता राम[...]
