Author: madhukumari

Ram Kishore Pathak

रजाई- राम किशोर पाठक रजाई- राम किशोर पाठक 

0 Comments 8:06 am

लिपट-लिपट मैं जिसके रहती। शीत लहर को हँसकर सहती।। संग मुझे लगता सुखदाई। क्या सखि? साजन! न सखि! रजाई।।०१।। रंग[...]

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Amarnath Trivedi

खुद ही राह बनाओ – अमरनाथ त्रिवेदीखुद ही राह बनाओ – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 7:51 am

जमाना    सुनता      सबकी   बातें , सोच  समझ   करता  निज    मन  की । बनेगी   पहचान  तो   तभी   उसे   ही  ,   निकलेगी बात  ज़ब  उसके  दिल  की । कदम – कदम   पर     मिलती    नसीहत   मिलते[...]

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Ram Kishore Pathak

हिल-मिल जाइए-राम किशोर पाठक हिल-मिल जाइए-राम किशोर पाठक 

0 Comments 7:23 pm

आज हुआ है तमस घनेरा, दीप जलाइए। फैलाकर उजियारा जग का, मित्र कहाइए।। स्वार्थ भावना को तजने से, खोते कुछ[...]

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Ram Kishore Pathak

आजमाने के लिए-राम किशोर पाठक आजमाने के लिए-राम किशोर पाठक 

0 Comments 6:44 pm

वक्त लोगों को बहुत है आजमाने के लिए। दाव सारे जानते हैं जो गिराने के लिए।। वक्त ने ऐसा सितम[...]

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धन्यवाद टीचर्स ऑफ बिहार – एम० एस० हुसैन “कैमूरी”धन्यवाद टीचर्स ऑफ बिहार – एम० एस० हुसैन “कैमूरी”

0 Comments 9:24 pm

है कोटि-कोटि धन्यवाद  ऐ टीचर्स ऑफ बिहार  तेरे बदौलत हीं सबका होता है सपना साकार  रचनाएं दब सी जाती थी[...]

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Ram Kishore Pathak

सर्द हवा-राम किशोर पाठक सर्द हवा-राम किशोर पाठक 

0 Comments 12:54 pm

सर्द हवाओं का झोंका है। अम्मा ने मुझको रोका है।। कहती बाहर में खतरा है। सर्दी का पग-पग पहरा है।।[...]

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जुआ-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ जुआ-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ 

0 Comments 9:39 pm

छल सुयोधन संग लेकर,चल पड़ा दरबार में। माॅंगना है जो नियोजित,शेष अगली बार में।। पास राजा के पहुॅंचकर,चाल वैसी ही[...]

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Ram Kishore Pathak

छंद रचना को गहूँ-राम किशोर पाठक छंद रचना को गहूँ-राम किशोर पाठक 

0 Comments 4:07 pm

विघ्न हर्ता देव हो तुम, कष्ट अपना मैं कहूँ। आज तुमसे आस मुझको, छंद रचना को गहूँ।। शब्द लाऊँ मैं[...]

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