Author: madhukumari

कैसे समझोगे तुम – बैकुंठ बिहारीकैसे समझोगे तुम – बैकुंठ बिहारी

0 Comments 11:52 am

कैसे समझोगे तुम कैसे समझोगे तुम समय को, जिसने लोगों को जीना सिखाया। कैसे समझोगे तुम स्वजन को,  जिसने तुम्हारा[...]

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Nitu Rani

आँसू और खामोशी – नीतू रानीआँसू और खामोशी – नीतू रानी

0 Comments 6:08 pm

आँसू और खामोशी सिर्फ महिलाओं में हीं होती, ये दोनों लेकर महिला  दिन- रात हैं रोती। आँसू और खामोशी  महिलाओं[...]

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धन्यवाद टीचर्स ऑफ बिहार – एम० एस० हुसैन “कैमूरी”धन्यवाद टीचर्स ऑफ बिहार – एम० एस० हुसैन “कैमूरी”

0 Comments 8:10 am

है कोटि-कोटि धन्यवाद  ऐ टीचर्स ऑफ बिहार  तेरे बदौलत हीं सबका होता है सपना साकार  रचनाएं दब सी जाती थी[...]

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Manu Raman Chetna

आओ नववर्ष मनायें – मनु रमनआओ नववर्ष मनायें – मनु रमन

0 Comments 7:39 am

आओ नववर्ष मनायें। खुशियों के फूल खिलाएं। नयी उम्मीदें नयी उमंगों के साथ , नित्य नया कुछ कर जायें। नये[...]

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Ram Kishore Pathak

अलाव-राम किशोर पाठक प्रधान शिक्षकअलाव-राम किशोर पाठक प्रधान शिक्षक

0 Comments 7:28 am

कुहासा है घना देखो, जलाने आग अब आओ। रहे हो कांँपते अबतक, जरा अब तापकर जाओ।। पता पथ का नहीं[...]

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Ram Kishore Pathak

सावित्री बाई फुले-राम किशोर पाठकसावित्री बाई फुले-राम किशोर पाठक

0 Comments 7:23 am

तर्क कसौटी की थी दात्री। सावित्री शिक्षा की जात्री।। ज्योति जलाने जग में आई। नारी शिक्षा को फैलाई।। बनकर वह[...]

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Ram Kishore Pathak

रघुवर नमन- राम किशोर पाठक रघुवर नमन- राम किशोर पाठक 

0 Comments 2:29 pm

करता रघुवर नमन तुम्हारा। चंचल चितवन चमन हमारा।। कैसे सुलभ सहज सब पाऊँ। कैसे निषाद चरण पखारा।। करता रजकण शिला[...]

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चित्रा छंद – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ चित्रा छंद – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ 

0 Comments 8:46 am

शुभ भोर देख कर खग जागे।  डाली तरुवर पर से भागे।। विश्वास ध्यान अब है भू पर। खाद्यान्न प्राण भरते[...]

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