:- हर घर तिरंगा -: पूछ मत ,पगले कहां पर है ,तिरंगा, शोभता है आज तो हर घर तिरंगा। घूम[...]
Author: Ram Kishor Pathak
बलिदानियों के दम पर – अमरनाथ त्रिवेदीबलिदानियों के दम पर – अमरनाथ त्रिवेदी
बलिदानियों के दम पर कर लें कितनी भी कोशिश ,वह कोशिश नहीं है भाती । हो न दिल में जुनून[...]
यह दिन पाया खास है – प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठकयह दिन पाया खास है – प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठक
यह दिन पाया खास है – प्रदीप छंद गीत देश हमारा आजादी में, चैन हमारे पास है। कुर्बानी को देकर[...]
स्वदेश पर मिटनेवाले- रत्ना प्रियास्वदेश पर मिटनेवाले- रत्ना प्रिया
स्वदेश पर मिटनेवाले स्वतंत्र, समुन्नत देश के हम, नागरिक कहलाते हैं। स्वदेश पर मिटनेवाले को, श्रद्धा-सुमन चढ़ाते हैं। सन् सत्तावन[...]
चिर निद्रा – विजय शंकर ठाकुरचिर निद्रा – विजय शंकर ठाकुर
-: चिर निद्रा :- चिड़िया फुदक रही थी, डाली पर, सुना रही थी, मीठे गीत, अचानक ! आई नीचे, धम,[...]
आजादी हमने है पाई – प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठकआजादी हमने है पाई – प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठक
आजादी हमने है पाई – प्रदीप छंद गीत भारत की धरती शोणित कर, तन-मन लहूलुहान से। आजादी हमने है पाई,[...]
स्वतंत्रता दिवस आया- नेहा कुमारीस्वतंत्रता दिवस आया- नेहा कुमारी
**स्वतंत्रता दिवस आया ** आया स्वतंत्रता दिवस आया, गगन भी आज मुस्कुराया। हिमालय हिला नया सवेरा लाया, आया स्वतंत्रता दिवस[...]
आजादी – महाचण्डिका छंद गीत – राम किशोर पाठकआजादी – महाचण्डिका छंद गीत – राम किशोर पाठक
आजादी – महाचण्डिका छंद गीत इसका अपना अर्थ है, सबको यह समझाइए। आजादी के मूल्य को, जरा समझने आइए।। सहते[...]
यही रात अंतिम, यही रात भारी- नीतू रानीयही रात अंतिम, यही रात भारी- नीतू रानी
यही रात अंतिम, यही रात भारी विषय -पक्षियों की गोष्ठी। बकरी, मुर्गी,अंडा , मछली और कबूतर ये सभी हैं मीत,[...]
कीमत चुकानी होगी – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’कीमत चुकानी होगी – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
कीमत चुकानी होगी मनहरण घनाक्षरी छंद में बिजली के कटने से, बढ़ जाती परेशानी, ए सी में जो रहने की,[...]
