शक्ति छंद क्षितिज लाल है भाल हर्षित दिखे। सितंबर दिवस आज चर्चित दिखे।। अशिक्षा डगर छोड़ते वे चले। सु-शिक्षा डगर जोड़ते वे चले।। उन्हीं के दिवस पर चलो कुछ करें।…
Author: Dr Snehlata Dwivedi
मधुमय देश बनाना है-डॉ. स्नेहलता द्विवेदी आर्या
मधुमय देश बनाना है सुरभित सुंदर संस्कार का अद्भुत देश हमारा है, भगत सिंह गाँधी सुभाष संग हमने भी दिल हारा है। तरुणाई के प्रखर शौर्य को जनहित में रचने…
योग-डॉ स्नेहलता दिवेदी ‘आर्या’
योग दिवस जुड़ने को योग कहते, तन-मन जुड़े ब्रम्ह से। स्वस्थ तन हो स्वस्थ मन हो, प्रकृति के प्रण से। यह योग है विश्वास सबका, योग जीवन का, है यह…
वीर जवान सरहद पर जाते-डॉ. स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या ‘
वीर जवान सरहद पर जाते तन मन जगमग हो जाता है, नमन कोटिशः सब मिल गाते। मातृभूमि पर मर मिटने को, वीर जवान सरहद पर जाते। बूढ़ी माँ के आँचल…
टिशू पेपर-डॉ. स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
मैं टिशू पेपर मैं! टिशू पेपर! सभ्यता की पहचान सौम्य सॉफ्ट आन-बान शान, हाथों से अधरों, गालों तक, जाने कहाँ-कहाँ मैं सहज पहुँचता हूँ। मैं! टिशू पेपर! स्वयं को निहारता,…