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बच्चों तुम फूल मेरे, बागवान के — पुनम कुमारी
बच्चों, तुम फूल मेरे, विद्यालय बागवा,
तुमसे ही महके सदा, मेरा प्यारा विद्यालय-उद्यान।
ज्ञान की धूप में खिलते, सपनों के रंग सजाते,
मेहनत और अनुशासन से, जीवन को सफल बनाते।
गुरु हैं माली बनकर, देते ज्ञान महान,
बच्चों, तुम फूल मेरे, बागवान के समान।
कोई गुलाब-सा सुंदर, कोई कमल-सा प्यारा,
कोई सूरजमुखी बनकर, करता जग में उजियारा।
मिल-जुलकर आगे बढ़ना, यही हमारा मान,
बच्चों, तुम फूल मेरे, बागवान के समान।
देश का भविष्य तुम हो, तुमसे देश महान,
तुम्हारी प्रतिभा से रोशन, भारत का आसमान।
सच्चाई और प्रेम से, बढ़ाओ देश की शान,
बच्चों, तुम फूल मेरे, बागवान के समान।
रचनाकार — पुनम कुमारी
उच्च माध्यमिक विद्यालय, करजा
प्रखंड — शाहपुर
जिला — भोजपुर

