बुद्ध की पावन धरा-राम किशोर पाठक 

Ram Kishore Pathak

बुद्ध की पावन धरा।

दिव्यता से है भरा।।

है रमा जन्मस्थली।

बोल मगही मैथिली।।

अंगिका सह भोजपुरी।

शिल्क है भागलपुरी।।

ज्ञान से हर-पल हरा।

बुद्ध की पावन धरा।।०१।।

भूमि उर्वर दलदली।

पर्व छठ दीपावली।।

राष्ट्र कवि दिनकर यहाँ।

मौर्य का बस्ती जहाँ।।

ख्याति नालंदा वरा।

बुद्ध की पावन धरा।।०२।।

क्या बिहारी शान है।

विश्व में पहचान है।।

खेल में अव्वल रहे।

मेल सबसे कर कहे।।

याद रखना बस जरा।

बुद्ध की पावन धरा।।०३।।

गीतकार:- राम किशोर पाठक 

प्रधान शिक्षक 

सियारामपुर, पालीगंज, पटना, बिहार।

संपर्क- 9835232978

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