Category: अनुभव

Kartik Kumar

दुखी माता-पिता – कार्तिक कुमारदुखी माता-पिता – कार्तिक कुमार

0 Comments 7:30 pm

दुखी माता-पिता – कार्तिक कुमार   जिस आँगन में माँ की लोरी, पिता का आशीर्वाद रहा, जिस घर में बेटे[...]

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Bebi Archana

मातृशक्ति – बेबी अर्चनामातृशक्ति – बेबी अर्चना

0 Comments 3:22 pm

मातृशक्ति – बेबी अर्चना हे मातृशक्ति अब जाग भी जाओ, कर निज-अस्तित्व की तू पहचान। बन सबला कर निज पथ-[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

स्वावलंबी :- धर्मेंद्र कुमार ठाकुर स्वावलंबी :- धर्मेंद्र कुमार ठाकुर 

0 Comments 10:12 pm

स्वावलंबी :- धर्मेंद्र कुमार ठाकुर    जब भी था कठिनता का घेरा, मैंने हर गिरते को उठाया। उनके दर्दों को[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

चेहरों का मेला(भ्रम):-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर चेहरों का मेला(भ्रम):-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर 

0 Comments 9:18 pm

चेहरों का मेला(भ्रम):-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर  घृणा नहीं है किसी से, न कोई शिकायत है, बस इस स्वार्थी संसार की एक[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

मौन और अनुभव :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुरमौन और अनुभव :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर

0 Comments 8:48 pm

मौन और अनुभव :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर चलो अब जाने भी दो क्या करोगे कथा सुनकर, ये चोट जो गहरी[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

हम है कर्जदार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरहम है कर्जदार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 10:58 pm

हम है कर्जदार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर हम है कर्जदार हाँ, हम कर्जदार हैं… गुनाहगार नहीं, बस जिम्मेदारियों के बीमार[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

धरा का गौरव – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरधरा का गौरव – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 10:42 pm

धरा का गौरव – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर इस धरा पर जनम लिया, ये सौभाग्य हमारा है, जिसकी गोदी में पला-बढ़ा,[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

क्रोध का कुनबा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरक्रोध का कुनबा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 8:21 pm

क्रोध का कुनबा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर भीतर हमारे बैठा है, एक ऐसा परिवार, जो सुख-चैन को डस लेता, कर[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

पिघल गया अनुशासन – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरपिघल गया अनुशासन – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 10:31 pm

पिघल गया अनुशासन – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर वक्त की धूप में देखो, कैसे विचार बदल जाते हैं, जो कल तक[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

चेतना का शंखनाद – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरचेतना का शंखनाद – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 10:09 pm

चेतना का शंखनाद – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर क्यों आवश्यकता आन पड़ी, इस बालिका दिवस को मनाने की? ये जान लेना[...]

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