Category: Bhawna

Ram Kishore Pathak

हर पल मर्यादा में रहना – राम किशोर पाठकहर पल मर्यादा में रहना – राम किशोर पाठक

0 Comments 5:36 am

हर-पल मर्यादा में रहना – गीत शब्दों की कर हेराफेरी, नित्य नया कुछ चाहूँ कहना।मन को अपने समझाता हूॅं, हर-पल[...]

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Ram Kishore Pathak

मैहर वाली मैं हर दें गर- राम किशोर पाठकमैहर वाली मैं हर दें गर- राम किशोर पाठक

0 Comments 5:35 am

गीत सुख में जाए दिन-रात गुजर।मैहर वाली मैं हर दें गर।। सुंदर मनहर गीत लिखा है।माता से निज प्रीत लिखा[...]

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Ram Kishore Pathak

कब तक कोई अपना- राम किशोर पाठककब तक कोई अपना- राम किशोर पाठक

0 Comments 3:05 pm

कब-तक कोई अपना- गीत छोटे-छोटे शब्दों से मन टूटेगा। कब-तक कोई अपना हमसे रूठेगा।। अपनों में तो खिच-खिच होती रहती[...]

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बेटा का अधिकार – जैनेन्द्र प्रसादबेटा का अधिकार – जैनेन्द्र प्रसाद

0 Comments 8:51 am

बेटा का अधिकाररूप घनाक्षरी छंद में जनता है आती याद,हर पांँच वर्ष बाद,नेता की है आस टीकी, आपके इंसाफ पर।[...]

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कोशी के पार लौटती नाव- अवधेश कुमारकोशी के पार लौटती नाव- अवधेश कुमार

0 Comments 8:00 am

कोसी के पार लौटती नाव : नाविक की दर्द भरी दास्तान नाविक चल पड़ा धीरे-धीरे,हवा के संग, उम्मीदों की ओरगहरे[...]

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वापस कर दो सुखी बनाकर…RPS अनजानवापस कर दो सुखी बनाकर…RPS अनजान

0 Comments 9:09 pm

अरिल्ल छंद चार चरण में 16 16 मात्रा पदांत 211/122वापस कर दो सुखी बनाकर।@@@@@@@@@@बादल छाए नभ के ऊपर।सोनू मोनू भाग[...]

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बस थोड़ी देर पहले…अवनीश कुमारबस थोड़ी देर पहले…अवनीश कुमार

0 Comments 7:14 pm

बस थोड़ी ही देर पहले तो… बस थोड़ी ही देर पहले तो —एक रंगीन तितलीफूलों की क्यारी में नाच  रही[...]

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विवशता में सिसकते हैं -एस के पूनमविवशता में सिसकते हैं -एस के पूनम

0 Comments 6:51 pm

विधा:-विधाता छंद।व्यंग।(विवशता में सिसकते हैं ) चुनावों के समय पर ही,प्रजा की याद आती है। करे वादें सभाओं में,प्रजा सुनकर[...]

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एक पेड़ मां के नाम – अवधेश कुमारएक पेड़ मां के नाम – अवधेश कुमार

0 Comments 10:43 am

🌿 एक पेड़ माँ के नाम 🌿 माँ की ममता धरती पर आयी,हरियाली संग खुशियाँ लायी । जिसकी छाया में[...]

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क्या तुमने कभी देखा है – अवनीश कुमारक्या तुमने कभी देखा है – अवनीश कुमार

0 Comments 7:44 am

(मानवता के आईने में झाँकती एक कविता) क्या तुमने कभी देखा है…बेबस, लाचार हर उस औरत कोजो ढो रही है[...]

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