Category: Shakshanik

Ram Kishore Pathak

हमें नहीं डरना-राम किशोर पाठकहमें नहीं डरना-राम किशोर पाठक

0 Comments 1:35 pm

कभी नहीं रुकते, आगे है बढ़ना। सहज भाव कहते, हमें नहीं डरना।। आती है बाधा, अक्सर राहों में। ताकत कर[...]

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Girindra Mohan Jha

बचपन-गिरीन्द्र मोहन झाबचपन-गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 11:09 pm

खेलना, मस्ती करना, बड़े-बड़े ख्वाब देखना, पढ़ाई करना, जिज्ञासु प्रवृत्ति का हो जाना, बड़े-बड़े सपने देखना, पर धरातल से सदा[...]

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Girindra Mohan Jha

संस्कार-गिरीन्द्र मोहन झासंस्कार-गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 10:17 am

कहता हूं, व्यक्ति अपने संस्कार का ही होता है गुलाम, सुसंस्कारवश अच्छा काम करता, कुसंस्कार से बुरा काम, अच्छा संस्कार[...]

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मत करना तू ब्याह अभी – मनु कुमारीमत करना तू ब्याह अभी – मनु कुमारी

0 Comments 10:47 pm

जी भर कर अभी खेल ना पाई सखियों के संग मैया। मेरे ब्याहने के खातिर तू बेच रही क्यों गैया।।[...]

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Jainendra

प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 10:36 pm

श्याम वंशीवाला सिर पे मुकुट मोर, गोपियों के चित्तचोर, होंठ लाले-लाल किये, खड़ा बंसी वाला है। कहते हैं ग्वाल-बाल, मित्र[...]

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नशे में युवा पीढ़ी – बिंदु अग्रवालनशे में युवा पीढ़ी – बिंदु अग्रवाल

0 Comments 10:29 pm

नशे के गर्त में डूब रही है, आज की युवा पीढ़ी। कर्णधार कहलाते देश के, विकास की है जो सीढ़ी।[...]

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Ram Kishore Pathak

हे सखी! – पथिका छंद – राम किशोर पाठकहे सखी! – पथिका छंद – राम किशोर पाठक

0 Comments 10:23 pm

हे सखी! – पथिका छंद – राम किशोर पाठक हे सखी! मुझे बतलाओ। कैसे रहूँ बिना साजन के, बैठी घर[...]

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पगडंडी पर भागे ऐसे – रामपाल प्रसाद सिंह अनजानपगडंडी पर भागे ऐसे – रामपाल प्रसाद सिंह अनजान

0 Comments 10:19 pm

पगडंडी पर भागे ऐसे, बालक सुलभ सलोने हैं। नन्हीं-नन्हे साथ-साथ हैं, अनुभव नए पिरोने हैं। पगडंडी भी स्वागत करने, हरियाली[...]

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