Category: Shakshanik

Ram Kishore Pathak

हिल-मिल जाइए-राम किशोर पाठक हिल-मिल जाइए-राम किशोर पाठक 

0 Comments 7:23 pm

आज हुआ है तमस घनेरा, दीप जलाइए। फैलाकर उजियारा जग का, मित्र कहाइए।। स्वार्थ भावना को तजने से, खोते कुछ[...]

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Ram Kishore Pathak

बम शिव कहके- मधुमति छंद वर्णिक – राम किशोर पाठकबम शिव कहके- मधुमति छंद वर्णिक – राम किशोर पाठक

0 Comments 9:54 pm

बम शिव कहके- मधुमति छंद वर्णिक – राम किशोर पाठक १११-१११-२ उपवन महके। खर खग चहके।। तन-मन बहके। बम शिव[...]

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Ram Kishore Pathak

गणेश- कहमुकरी – राम किशोर पाठकगणेश- कहमुकरी – राम किशोर पाठक

0 Comments 9:49 pm

गणेश- कहमुकरी पेट बड़ा हर-पल दिखलाता। लड्डू झट-पट चट कर जाता।। मोहित करता सुनहरा केश। क्या सखि? साजन! न सखी![...]

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Nitu Rani

शिक्षा और समाज – नीतू रानीशिक्षा और समाज – नीतू रानी

0 Comments 9:43 pm

शिक्षा और समाज बिना शिक्षा के मिटै न अंधकार। शिक्षा से समाज का होता अधिक विकास, पढ़-लिखकर शिक्षित होंगे हमारे[...]

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S K punam

रूपघनाक्षरी – शृंगार – एस.के.पूनमरूपघनाक्षरी – शृंगार – एस.के.पूनम

0 Comments 9:38 pm

ऊँ कृष्णाय नमः विधा:-रूपघनाक्षरी। विषय:-शृंगार। उठती हैं सागर में, तरंगें हजारों बार, सिन्धु करे जल राशि,से शृंगार बार-बार। केवट है[...]

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Ram Kishore Pathak

सर्द हवा-राम किशोर पाठक सर्द हवा-राम किशोर पाठक 

0 Comments 12:54 pm

सर्द हवाओं का झोंका है। अम्मा ने मुझको रोका है।। कहती बाहर में खतरा है। सर्दी का पग-पग पहरा है।।[...]

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Ram Kishore Pathak

जमाने में – गजल – राम किशोर पाठकजमाने में – गजल – राम किशोर पाठक

0 Comments 9:52 pm

जमाने में – गजल – राम किशोर पाठक कौन है जो कहे जमाने में। मौन सारे लगे बचाने में।। आज[...]

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Ram Kishore Pathak

अनुराग सवैया –  राम किशोर पाठकअनुराग सवैया –  राम किशोर पाठक

0 Comments 9:47 pm

अनुराग सवैया –  राम किशोर पाठक गणेश महेश सुरेश दिनेश पुकार करूँ नित आस लगाएँ। विकार सुधार विचार प्रचार निखार[...]

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Ram Kishore Pathak

हमें नहीं डरना-राम किशोर पाठकहमें नहीं डरना-राम किशोर पाठक

0 Comments 1:35 pm

कभी नहीं रुकते, आगे है बढ़ना। सहज भाव कहते, हमें नहीं डरना।। आती है बाधा, अक्सर राहों में। ताकत कर[...]

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Girindra Mohan Jha

बचपन-गिरीन्द्र मोहन झाबचपन-गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 11:09 pm

खेलना, मस्ती करना, बड़े-बड़े ख्वाब देखना, पढ़ाई करना, जिज्ञासु प्रवृत्ति का हो जाना, बड़े-बड़े सपने देखना, पर धरातल से सदा[...]

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