देखो सावन आकर कहता,
अनुपम है रिश्तों का प्यार ।
भाई – बहन के प्रेम के रिश्ते,
कैसा है यह अद्भुत त्योहार ।
अमर प्रेम है भाई – बहन का,
यह कई जन्मों का है सार ।
बहन नहीं है जिस भाई का,
लगता सूना है घर – संसार ।
प्यार दोनों के है मन में,
दोनों का रिश्ता है खास ।
बहना बांधें भाई को राखी,
हर भाई का यही है आस ।
भाई मेरा खुशहाल रहे,
मन ही मन में दुआएँ देती ।
पावन यह त्योहार हमारा,
सारी दुनिया से है कहती ।
आशीष अम्बर
( विशिष्ट शिक्षक)
उत्क्रमित मध्य विद्यालय धनुषी
प्रखंड – केवटी
जिला – दरभंगा
बिहार

