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गणतंत्र भारत
था वो ऐतिहासिक क्षण
जब विश्व के सबसे बड़े
संविधान का खिताब
था हमने पाया ……
गणतंत्र बनाकर भारत को
गणतंत्र दिवस के नाम से
फिर था उसे गया नवाजा……
हुआ मस्तक भारत का विश्व में
हिमालय पर्वत सा ऊंचा
हुई गौरवान्वित मां वसुंधरा भी
अम्बेडकर जैसा पुत्र पाकर…..
थे बेड़ियों में जकड़े हम
और जकड़े थे हमारे विचार
गणतंत्र दिवस पर मिली आज़ादी
ले संविधान का आकार…….
फिर, धन्य धन्य हुए भारतवासी
लोकतांत्रिक अधिकार पाकर
21 तोपों की सलामी के साथ…..
कर प्रथम ध्वजारोहण
गणतंत्र दिवस की पावन बेला पर
भारत को पूर्ण गणतंत्र किया घोषित ।
मधु कुमारी
कटिहार

