स्वतंत्रता की चिंगारी जैनेंद्र प्रसाद

Jainendra

स्वतंत्रता की चिंगारी
(शहीद दिवस पर श्रद्धांजलि

मात्र आधी धोती पर,
जीवन गुजार दिया,
आधुनिक भारत के, नमन भिखारी को।

चरखा से बना खादी,
मोहन से बने गांँधी,
लोग संत मानते अहिंसा के पुजारी को।

ईश्वर के बन दूत,
रहे जैसे अवधूत,
चरण वंदन उस, नर अवतारी को

सच्चाई की बांँह गह
अंत में ‘हे राम कह’
स्वतंत्रता की जला कर गए चिंगारी को।

जैनेन्द्र प्रसाद रवि

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