हाॅं यह मेरा बिहार है, हाँ यह अपना बिहार है। इतिहास जिसके कदम चूमे, हाँ वह मेरा बिहार है। जहाँ[...]
बंधन और मुक्ति -गिरींद्र मोहन झाबंधन और मुक्ति -गिरींद्र मोहन झा
बंधन और मुक्ति मुझे बंधन चाहिए, कर्तव्यों-दायित्वों का बंधन, कर्त्तव्य के साथ थोड़े भावनाओं का बंधन, देश-भक्ति, श्रेष्ठ आदर्श, यथार्थ[...]
कविता क्या है -रुचिकाकविता क्या है -रुचिका
कविता क्या है कविताएँ रूठती हैं, मानती हैं शिकवे और शिकायतें करतीं कभी पुचकारती कभी सम्भालती कभी खुद को खुद[...]
कोटि बधाइयां -स्नेहलता द्विवेदीकोटि बधाइयां -स्नेहलता द्विवेदी
अंतरराष्ट्रीय कविता दिवस कोटि बधाईयाँ मानव को मानव से जोड़े, कविता मन में मन को मोहे। भाषा मन की कविता[...]
गौरैया-रूचिकागौरैया-रूचिका
बड़ी मुश्किल से दिखती हैं, गौरैया आजकल छत के मुंडेरों पर घर के आँगन में अब उसका चहकना कानों में[...]
विलुप्त हो गई गौरैया-नीतू रानीविलुप्त हो गई गौरैया-नीतू रानी
गौरैया दिवस मनाइए, गौरैया को घर में बसाइए। जब से बना पक्का का मकान, गौरैया की उड़ गई मुस्कान। घर[...]
गौरैया गिरींद्र मोहन झागौरैया गिरींद्र मोहन झा
विश्व गौरैया दिवस- 20 मार्च गौरेया दरवाजे पर आकर अपना घोंसला बना लेती थी, अनाज के दानों पर आकृष्ट हो[...]
गौरैया -आशीष अम्बरगौरैया -आशीष अम्बर
शीर्षक – गौरैया छोटी सी प्यारी यह चिड़िया, कहलाती है वह गौरैया । फुर्र – फुर्र करके आती है, फुर्र[...]
नन्हें परिंदे -अरविंद कुमारनन्हें परिंदे -अरविंद कुमार
नन्हें परिंदे अरविंद कुमार, भरगामा, अररिया की कलम से अभी मैं जिंदा हूं , लेकिन मेरा अस्तित्व खतरे में है[...]
दिखे की दुखी तुझको -रामकिशोर पाठकदिखे की दुखी तुझको -रामकिशोर पाठक
दिखे कोई दुखी तुझको उसे गम से निकाला कर- गजल दिखे कोई दुखी तुझको उसे गम से निकाला कर। बिना[...]
