होली-भवानंद सिंह

राधा संग नंदलाल, खेले रंग व गुलाल, रंगों का त्योहार होली, खुशी से मनाइए। सबको गले लगाना, करें न कोई बहाना, कुत्सित मानसिकता,मन से मिटाइए। होली है त्योहार ऐसा, मन…

वन्यजीवों की सुनो पुकार-नीतू रानी

विश्व वन्यजीव दिवस मनाईए, सभी वन्यजीवों को मारने से बचाइए। वन्यजीव के लिए लगाइए पेड़, रहेंगे उसमें बंदर,हाथी ,चीता और शेर। वन्यजीवों की सुरक्षा का करो प्रबंध, बनाओ उसके साथ…

होली-गिरीन्द्र मोहन झा

भक्त प्रह्लाद की रक्षा में होलिका का हुआ दहन, पर्व होली का तब से ही जाना जाता है आरंभन, लोग खेलते हैं जमकर मिट्टी, रंग, गुलाल, अबीर, मन-आत्मा हो जाता…

अनुपम है माँ की ममता-राम किशोर पाठक

अनुपम है माँ की ममता। अद्भुत रखती तन्मयता।। अर्पित हर-पल रहती है। बच्चों का दुख हरती है।। चलना वह सिखलाती है। सतपथ वह बतलाती है।। सहकर सारी बाधाएँ। सुख देती…

समस्या का निदान -जैनेंद्र 3

समस्या का निदान (रूप घनाक्षरी छंद) उद्यम से समस्या का मिलता निदान सदा, कर्मवीरों की मदद, करते हैं भगवान। राम-कृष्ण गांधी जी के जीवन में सिखाया है, धैर्यवानों की होती…

चिंतकों के मध्य शिक्षा -रामपाल प्रसाद सिंह

गीतिका छंद चिंतकों के मध्य शिक्षा,आज भी बेचैन है। नीतियों में हम निपुण थे, धर्म का बस राज था। जोड़कर संस्कार सचमुच, सिर रखा बस ताज था।। कंटकों पर रंक-राजा,…

होली गीत -नीतू रानी

होली गीत वृंदावन में कृष्ण खेले होली, वृंदावन में कृष्ण के हाथ भरल पिचकारी, भिंगाबै राधा के साड़ी -चुनरी । वृंदावन में राधा केअ संग सब सखियाॅ॑ सहेली, कृष्ण केअ…

चिंतकों की मध्य चिंता – रामपाल प्रसाद

गीतिका छंद चिंतकों की मध्य शिक्षा,आज भी बेचैन है। नीतियों में हम निपुण थे, धर्म का बस राज था। जोड़कर संस्कार सचमुच, सिर रखा बस ताज था।। कंटकों पर रंक-राजा,…