पद्यपंकज Bhakti राधे-राधे -राम किशोर पाठक

राधे-राधे -राम किशोर पाठक


Ram Kishore Pathak

आओ प्यारे राधे-राधे गाने आओ।

बंशी वाले गोपाला को पाने आओ।।

क्यों खोये हो यों ही बोलो अंगारा में।

आओ डूबें भावों की प्यारी धारा में।।

नैया खेने वाले को ही ध्याने आओ।

आओ प्यारे राधे-राधे गाने आओ।।०१।।

प्रेमी जो भी ग्वाले जैसे हो जाते हैं।

पीछे-पीछे कान्हा को भी वे पाते हैं।।

गीतों में मीरा जैसी खो जाने आओ।

आओ प्यारे राधे-राधे गाने आओ।।०२।।

कान्हा बोलें या बोलेंगे प्यारी राधा।

दोनों ही काटेंगे तेरी सारी बाधा।।

कान्हा से ही साँसों को हर्षाने आओ।

आओ प्यारे राधे-राधे गाने आओ।।०३।।

गीतकार:- राम किशोर पाठक 

प्रधान शिक्षक 

सियारामपुर, पालीगंज, पटना, बिहार।

संपर्क – ९८३५२३२९७८

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