पद्यपंकज Deshbhakti,sandeshparak,Shakshanik सैनिक – राम किशोर पाठक 

सैनिक – राम किशोर पाठक 


Ram Kishore Pathak

प्रहरी बनकर डटे हमेशा, रखते भारत को स्वाधीन।

वीर हमारे सारे सैनिक, राष्ट्र सुरक्षा में तल्लीन।।

हर मौसम में सीमाओं पर, हर-पल रहते हैं तैनात।

पड़े सामने दुश्मन तो फिर, दिखलाते उनको औकात।।

वक्ष चीरकर लहू निकाले, सीने पर होकर आसीन।

वीर हमारे सारे सैनिक, राष्ट्र सुरक्षा में तल्लीन।।०१।।

पीठ दिखाना जिसे न आता, भारत के वे सैनिक श्रेष्ठ।

त्याग भाव ने इन्हें बनाया, हर भारतवासी का प्रेष्ठ।।

गगन तिरंगा लहराते हैं, तो हो जीवन रंगीन।

वीर हमारे सारे सैनिक, राष्ट्र सुरक्षा में तल्लीन।।०२।।

तन-मन अपना दाँव लगाकर, सबको करते खुशी प्रदान।

शेरों के ये वंशज सारे, जिनपर गर्वित हिन्दुस्तान।।

अभिनंदन करिए वीरों का, सम्मुख जिसके जग बलहीन।

वीर हमारे सारे सैनिक, राष्ट्र सुरक्षा में तल्लीन।।०३।।

गीतकार:- राम किशोर पाठक 

प्रधान शिक्षक 

सियारामपुर, पालीगंज, पटना, बिहार।

संपर्क – ९८३५२३२९७८

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