Tag: Ram Kishor Pathak

Ram Kishore Pathak

तुलसी पूजन- हंसगति छंद गीत – राम किशोर पाठकतुलसी पूजन- हंसगति छंद गीत – राम किशोर पाठक

0 Comments 11:03 pm

तुलसी पूजन- हंसगति छंद गीत – राम किशोर पाठक तुलसी है वरदान, समझने आओ। इसके गुण पहचान, इसे अपनाओ।। तुलसी[...]

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हिल-मिल जाइए-राम किशोर पाठक हिल-मिल जाइए-राम किशोर पाठक 

0 Comments 7:23 pm

आज हुआ है तमस घनेरा, दीप जलाइए। फैलाकर उजियारा जग का, मित्र कहाइए।। स्वार्थ भावना को तजने से, खोते कुछ[...]

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बम शिव कहके- मधुमति छंद वर्णिक – राम किशोर पाठकबम शिव कहके- मधुमति छंद वर्णिक – राम किशोर पाठक

0 Comments 9:54 pm

बम शिव कहके- मधुमति छंद वर्णिक – राम किशोर पाठक १११-१११-२ उपवन महके। खर खग चहके।। तन-मन बहके। बम शिव[...]

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गणेश- कहमुकरी – राम किशोर पाठकगणेश- कहमुकरी – राम किशोर पाठक

0 Comments 9:49 pm

गणेश- कहमुकरी पेट बड़ा हर-पल दिखलाता। लड्डू झट-पट चट कर जाता।। मोहित करता सुनहरा केश। क्या सखि? साजन! न सखी![...]

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जमाने में – गजल – राम किशोर पाठकजमाने में – गजल – राम किशोर पाठक

0 Comments 9:52 pm

जमाने में – गजल – राम किशोर पाठक कौन है जो कहे जमाने में। मौन सारे लगे बचाने में।। आज[...]

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अनुराग सवैया –  राम किशोर पाठकअनुराग सवैया –  राम किशोर पाठक

0 Comments 9:47 pm

अनुराग सवैया –  राम किशोर पाठक गणेश महेश सुरेश दिनेश पुकार करूँ नित आस लगाएँ। विकार सुधार विचार प्रचार निखार[...]

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हे सखी! – पथिका छंद – राम किशोर पाठकहे सखी! – पथिका छंद – राम किशोर पाठक

0 Comments 10:23 pm

हे सखी! – पथिका छंद – राम किशोर पाठक हे सखी! मुझे बतलाओ। कैसे रहूँ बिना साजन के, बैठी घर[...]

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संविधान- लावणी छंद – राम किशोर पाठकसंविधान- लावणी छंद – राम किशोर पाठक

0 Comments 10:13 pm

संविधान- लावणी छंद – राम किशोर पाठक नीति नियम का ग्रंथ यही है, जिसके सन्मुख समरस रहते। देश चलाते हैं[...]

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जिए जा रहा हूॅं- गजल  राम किशोर पाठकजिए जा रहा हूॅं- गजल  राम किशोर पाठक

0 Comments 10:04 pm

  १२२-१२२-१२२-१२२ उदासी छुपाकर जिए जा रहा हूँ। तभी तो लबों को सिए जा रहा हूँ।। निगाहें जिन्हें ढूँढती है[...]

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राष्ट्र भक्त हम, कहलाएँ- वासुदेव छंद गीत  राम किशोर पाठक राष्ट्र भक्त हम, कहलाएँ- वासुदेव छंद गीत  राम किशोर पाठक 

0 Comments 7:59 pm

राष्ट्र भक्त हम, कहलाएँ- वासुदेव छंद गीत  राष्ट्र हेतु हम, मिट जाएँ। राष्ट्र-भक्त हम, कहलाएँ।। आओ मिलकर, पले यहाँ। कदम[...]

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